Monday, 19 August 2024

Lord arthur ka apradh samapan kisht

 उन्हें अपने हाथ का अभिशाप हटाना पड़ेगा केवल प्रश्न यह था कि वो किसको दुनिया से हटाये। उनका कोई दुश्मन नही था और कार्य निहायत अकेले पन से सम्बन्धित था। उन्होने अपनी सभी मित्रों और रिश्तेदारों की सूची बनाई। अन्त में दूर की एक वृद्धा रिश्तेदार लेडी क्लेमिन्टना ब्यू चैम्प को छाटा। वे दूर कर्जन रोउ पर रहती थीं वेैसे लार्ड आर्थर को लेडी क्लेमिन्टना पसंद बहुत थी। 

यह तो सभी जानते थे कि स्वंय लार्ड आर्थर बहुत धनी थे। इसलिये लेडी क्लेमिन्टना की मृत्यु से अधिक लाभ का काई सेच भी नही सकता था बहुत सोच समझकर लार्ड आर्थर ने यह फैसला किया था और अब कार्य रूप में शीघ्र ही परिगिणत करना था। 

सबसे पहले उन्होने हस्त रेखा विशेषज्ञ के लिये 105 पाउन्ड का चैक काटा और नौक्र को दो आने के लिये कहा फिर अपनी बग्घी में बैठकर बकिंघम चल दिये। रास्ते में खूबसूरत फूलों का गुलदस्ता सेविल के नाम भेज दिया। क्लब के पुस्तकालय में बैठकर बैरे को लैमन सैट का आर्डर दिया उन्होने अपने काम के लिये साधन सोचा, जहर सबसे अच्छा लगा। 

जहर के विषय में उन्हें कुछ ज्ञात नही था इसलिये वे पुस्तकालय आये थे। एक पुस्तक में कुचले के जहर के विषय में काफी लिखा मिला। यह जहर जिलेटिन कैपस्यूल में रूप में लेने पर त्वरित गति से असर करता था। और कोई पीड़ा दायक प्रक्रिया भी नही होती थी। घातक प्रभाव के लिये उन्होने मात्रा लिखी। वहाँ से दवा विक्रेता की दुकान पर गये उसने दवा का नाम सुन उनका मुख देखा और डा॰ के पर्चे की माँग की तो उन्होने बताया कि यह उन्हें अपने पागल कुत्ते के लिये चाहिये उसने सईस को काट खाया है। लार्ड आर्थर को देखते हुए उसने बहुत बेमन से कैपसूल दिया। 

लार्ड आर्थर ने सुन्दर से चॉकलेट के डिब्बे में कैपसूल रखा और लेडी क्लेमिन्टना के घर की तरफ चल दिये। अरे तुझे अब फुरसत मिली है आने की उन्हें देखते ही वृद्धा चिल्लाते हुए बोली मेरा दिन काटे नही कटता है डाक्टर मेरे दिल की जलन का इलाज नही कर पा रहे हैं।

मैं आपके लिये एक नई दवा लाया हूँ लार्ड आर्थर ने दुखी मन से कहा इसका अमेरिकन डाक्टरों ने आविष्कार किया है। 

हूँ अमेरिका के आविष्कार बेकार होते हैं मुझे अच्छे नही लगते। लेकिन यह आविष्कार बहुत अच्दा है आप इसे खाकर देखना। यह कहकर लार्ड आर्थर ने डिबिया लेडी क्लैम को थमा दी। 

बक्सा तो अंदर है इसका मतलब है तुम यह उपहार लये हो मेरे लिये तुम बहुत अच्छे हो यह दवाई ळे या चॉकलेट यह तो मैं बहुत आराम से खालूँगी। अरे नही लार्ड आर्थर ने एकदम से हाथ पकड़ते हुए कहा, ’’ यह आप क्या कर रही हैं यह एक होम्योपेथिक दवा है अगर बिना जलन के खाई तो यह नुकसान देह होगी जब दिल में जलन हो तब ही खाना। लेकिन एक हफ्ते तक तो जलन का दौरा नही पड़ेगा अगर और जरूरत पड़ेगी तो तुम्हें लिखूँगीं। 

लार्ड आर्थर ने एक छुटकारे की साँस ली और वहाँ से निकल गये। उसी दिन सेविल से मिले और कहा कि हधर कुछ परेशानी में पड़ गये हैं कुछ दिन क लिये शादी को टल जाना ही ठीक है क्योकि अगर मानसिक रूप से परेशान हुए तो शादी का मजा खत्म हो जायेगा। पूरे पन्द्रह दिन अपने भाई के साथ रहे खाते घूमते उनका ध्यान समाचार पत्र में ही लगा रहता था क्योंकि वो लेडी क्लेम की मृत्यु के विषय में जानना चाहते थे। उन्हें भय था कि कोई अन्य घटना न घट जाये। कोई कुचले से बने कैपसूल को पहचान न जाये या उन्हें खाने को मना कदर दे। बाइसवें दिन वे बहुत उत्सुक हो उठै और अपने धर वापस चल दिये। बंगले पर पहुँचे ही थे कि उन्हें तार मिला लेेडी क्लेम तो सत्रह को एकाएक सात चल बसीं। 

उन्होने अपनी डाक देखी। एक पत्र सेविल का था एक पत्र माँ का और एक पत्र लेडी क्लेम के वकील था। उस रात लेडी क्लेम के साथ भोजन किया रात ही में दिल में जलन उठी होगी लेकिन सुबह बिस्तर पर मृत पाई गई। मरने से कुछ दिन पहले ही अपनी वसीयत कराई थी जिसमें अपना घर लार्ड आर्थर के लिये छोड़ गई थी। एक हार सेविल के लिये और बाकी का सामान अपनी बहन को दे गई थीं।

लार्ड आर्थर का दिल भर आया। लेडी क्लेम उसे कितना प्यार करती थी। एक वह है उनका हत्यारा लेकिन इसका पाप मि॰ पोजर्स पर होगा। वे ही इसका कारण हैं। वकील और सेविल के साथ जब लार्ड आर्थर क्लेम के यहाँ गये उनके सामान को देखते हुए सेविल उछल पड़ी। आह आर्थर देखो कितना सुन्दर बाक्स इसे मैं लूँगी। यह वही बक्सा था जिसे लार्ड आर्थर ने दिया था। सारा रक्त उनके चेहरे पर सिमट आया। जिसके लिये उन्होने यह जघन्य कृत्य किया था वही उनके कार्य की याद दिला रही थी। 

हाँ हाँ तुम ले लो सेविल यह मैने ही लेडी क्लेम को दिया था। धन्यवाद आर्थर मैं यह चॉकलेट खोलू। चॉकलेट सेविल क्या मतलब घबड़ाये स्वर मे लार्ड आर्थर ने कहा उनका चेहरा पीला पड़ गया। अरे क्या बात है आर्थर 

लार्ड आर्थर ने झपट कर बक्सा उसके हाथ में से छीन लिया। बक्से में कुचले का कैपसूल सुरक्षित रखा था। इसका मतलब है लेडी क्लेम अपनी मौत मरी थी। कैपसूल आग में फेंक हताश लार्ड और सोफे पर पड़े गये। 

घर आकर लार्ड आर्थर ने फिर अपने मित्रों और रिश्तेदारों की सूची देखने लगे। इस बार उन्होने चिस्टर के डीन अपने चाचा को हटाने के लिये सोचा। डीन एक सभ्य और सुसंस्कृत व्यक्ति थे और घड़ियों के शौकीन थे। उनके शौक को ही उनकी हत्या का माध्यम बनाने की सोची। इसके लिये वे अपने मित्र के पास गये और किसी विस्फोटक यंत्र के विषय में जानना चाहा तो वह उसका मुँह आश्चर्य से देखता रह गया। क्या तुम राजनीति में आ रहे हो भाई। 

अरे नही बेहद निकट पारिवारिक मामले के लिये विस्फोटक चाहिये। उसने एक कागज पर एक पता लिख कर दिया। बेले कोर्ट के पीछे गली में एक घर की सांकल खटखटाने पर एक सख्त चेहरे वाले व्यक्ति ने दरवाजा खोला। मित्र का पत्र दिखाने पर उन्हें वह अन्दर ले गया। मैं व्यपारिक मामले बात पर सीधे आना चाहता हूँ। मुझे एक विस्फोटक घड़ी चाहिये।

अगर पुलिस या जासूस के लिये चाहिये तो यह सम्भव नहीं है। अरे ! नहीं मुझे तो यह जाती मामले के लिये चाहिये । डायनामाइट घड़ी में फिट कराया उसमें समय इस प्रकार से फिट कराया जब चाचा घर में हो और उसे चाचा के यहाँ भेज दिया। स्वयं बकिघंम जाकर प्रतिदिन अखबार देखने लगे। शुक्रवार की शाम का समाचार पत्र व्यग्रता से खोला लेकिन किसी भी समाचार में डीन के विषय में कोई खबर नहीं थी। परेशान वे घड़ी साज के यहाँ गये। सुनकर घड़ी साज स्वयं परेशान हो गया उसके द्वारा बनाया यन्त्र बेकार नहीं हो सकता। लेकिन मिलावट की वजह से हो सकता है यन्त्र नहीं फटा हो। वह दूसरी घड़ी देने के लिये तैयार था लेकिन लार्ड आर्थर का विश्वास विस्फोटक से हट गया था। जब आर्थर निराश हताश घर की सीढ़िया चढ़ रहे थे कि माँ ने बुलाया और डीन की चिट्ठी दिखाते हुए कहा कि किसी अज्ञात व्यक्ति ने बहुत ही सुन्दर विस्फोटक अलार्म घड़ी भेजी है। बारह बजने पर हल्की सी सू की आवाज करती है  लेकिन घड़ी बहुत ही कलात्मक है। जाँच करने पर पता चला कि वह बारूद से चलती हैं बेटा वैसी घड़ी मुझे ला देना। देख आना कैसी घड़ी है। 

एक फीकी मुस्कराहट के साथ लार्ड आर्थर ने कमरा छोड़ दिया ऊपर अपने कमरे में सोफे पर लेट गये। उनकी आँखें भर आई थी। उन्होनें हत्या का प्रयास किया था। वह अपने प्रयत्न कर रहा है परन्तु भाग्य को जो मंजूर होगा वही होगा। यह मँगनी तोड़ देनी चाहिये। सेविल को बहुत दुख होगा लेकिन किसी हत्यारे की पत्नी तो नही कहलायेगी। भाग्य को काम करने दो वह कोई प्रयत्न नही करेगा। 

साढ़े सात बजे लार्ड आर्थर उठे और कपड़े पहन क्लब चले गये। वहाँ भी सब कुछ फीका फीका लगता रहा। जब खा पीकर बाहर निकलने लगे तब विफाक का पत्र मिला कि अभी जेनेवा से एक नही वस्तु विस्फोटक छाता आया है। खोलते ही चल पड़ता है आकर देख ले। लेकिन लार्ड आर्थर ने उसे फाड़ कर फेंक दिया। फिर टैम्स नदी के किनारे घंन्टो बैठे रहे। चन्द्रमा बादलों मं से झाँक रहा था जैसे शेर की आँख हो। नदी के गिरने उठने की तेज आवाज हो रही थी। घड़ी ने बारह बजाये शहर का शोर शान्त हो रहा था एक बिजली टिमटिमा रही थी। 

बारह बजे वे उठे और क्लियोपैट्राज नीडल की ओर बढ़े। उन्हें एक व्यक्ति नदी में झुका दिखाई दिया लैम्प की रोशनी चेहरे पर पड़ी अरे ये तो मि॰ पोजर्स हैं। लार्ड आर्थर के दिमाग में एक विचार कौंधा वे चुपचाप उसके पीछे आये। पीछे से टाँग उठाकर एक दम पोजर्स को नदी में फेंक दिया। एक धमाका सा हुआ नदी में हलचल हुई और तैरने के सिवाय और कुछ न दिखाई दिया एक बार उन्हें लगा मि॰ पोजर्स का विशाल शरीर सीढ़ियाँ चढ़ रहा है परन्तु जैसे ही चाँद बादलों से बाहर आया उन्हें अपनी धारणा भ्रामक लगी। उन्होने एक छुटकारे की साँस ली। 

कुछ गिर गया क्या सर पीछे से एक आवाज आई। कुछ खास नही वे आवाज को संयत कर पीछे मुड़े। एक पुलिसवाला खड़ा था पास ही जाती एक बग्घी को रोक कर घर की ओर चल दिये। अगला दिन बड़ी अनिश्चिता में बीता उन्हें बार बार लग रहा था मि॰ पोजर्स कमरे में घुस आयेगें लेकिन सोचते विधाता इतना निष्ठुर नही हो सकता। 

अंत में अखबार में खबर आई प्रसिद्ध हस्तरेखा विशेषज्ञ द्वारा आत्महत्या। कल प्रातः सात बजे मि॰ पोजर्स का शरीर ग्रीनविच किनारे पर लगा था। आभागा व्यक्ति पिछले कुछ दिनों से लापता था। लगता है मानसिक दबाव में आकर उस व्यक्ति ने आत्महत्या कर ली। मृत व्यक्ति की उम्र लगभग पैंसठ वर्ष थी। उन्होने अपने पीछे कोई वारिस नही छोड़ा है।

लार्ड आर्थर अखबार लिये ही बाहर आये और पार्क लेन सेविल के घर की ओर चल दिये। सेविल को देखते ही चिल्लाये सेविल हम कल ही शादी करेंगे। क्या बात करते हो अभी तो केक का ऑर्डर भी तो देना होगा। सेविल की आँखों में खुशी के आँसू तैर आये।

तीन हफ्ते बाद शादी के समय चिचेस्टर के डीन शादी की मुबारक बाद दे रहे थे। इससे अच्छा जोड़ा आजतक उनकी निगाहों से नहीं गुजरा था। कई साल बाद ज्योतिष पर बात लेडी विन्डरमोरे ने लार्ड आर्थर से पूछ लिया ज्योतिष पर विश्वास है।

हाँ हाँ अवश्य मुस्काराते लार्ड आर्थर ने कहा लेकिन क्यों क्योंकि मुझे जिन्दगी की सारी खुशियाँ उसी से मिली हैं। अपने को कुर्सी में धंसाते लार्ड आर्थर ने कहा जिन्दगी की कौन सी खुशी सेविल ,उसने सुन्दर पत्नी की नीली आँखों में झॉकते हुए कहा। 

क्या बकवास है लेडी विन्डर मोरे बुदबुदायी मैने ऐसी बकवास जिन्दगी में कभी नही सुनी। 

मूल लेखक आस्कर वाइल्ड अनुवाद - डा॰ शशि गोयल 


Sunday, 18 August 2024

Lord Arther ka apraadh

 लार्ड आर्थर का अपराध 


                       लेखक0 आस्कर वाइल्ड    अनुवाद,  डा0 ष्शषि गोयल


लेडी विन्डरमूरे  का ईस्टर से पूर्व दिया गया आखिरी भोज था। छः केन्द्रीय मन्त्री वहॉं उपस्थित थे । सुन्दर महिलाऐं अपनी सुन्दर पोषाकों में इठला रही थीं । आर्ट गैलरी के अंत में कार्लस्यू की राजकुमारी सोफिया खड़ी थी । सीढ़ियाों पर कई राजकीय वहॉं करीब  साढ़े ग्यारह बजे  तक रही ।

लेडी विन्डरमूरे  वहॉं आईं। लार्ड  आर्थर एक लंबे सुदर्षन युवक थ्से उस समय वे डचेस से बात कर रहे थे  । विन्डरमूरे एक  पादरी से लगने वाले  युवक को बुलाकर  बोली , आइये  आप लोगों का परिचय मि0 पोजर्स से कराऊॅं, मि0पोजस्र आप इनका हाथ देाकर बताइये  उचेस आप अपने दासताने  उतारिये  अरे उल्टा, सीधा नहीं , मि0 पोजर्स ये डचेस पेसले हैं और ये  मि0 पोजर्स हैं हस्त रेखा विषेशज्ञ । मि0 पोजर्स अगर आप कहेंगे कि डचेस का  चन्द्र पर्वत मेरे से ऊॅंचा उठा है तब भी मैं विष्वास नहीं करूॅंगी,’

‘मेरे होश में कोई खास बात नहीं है,’ धीरे से दास्ताने उतारती डचेस बोली।

‘यह तो आपकी ष्शराफत है ‘।मि0 पाजर्स ने डचेस के गुदगुदे और चौकोर उंगलियों वाले  हाथ को  देखते हुए कहा,‘चन्द्रपर्वत पूरा उभरा नहीं है । जीवन रेखा अच्छी है । जरा कलाई छोड़िये  ,धन्यवाद , तीन समानान्तर रेखाऐं कलाई पर ,आपकी उम्र बहुत लम्बी है आप जिन्दगी भर ाुष रहेंगीकृकृ बहुत इच्छाऐं नहीं हैं ,मस्तिष्क रेखा अच्छी है,हृदय रेखा’

‘जरा सोच के  मि0पोजर्स’  लेडी विन्डरमूरे चहकीं’ इससे बड़ी खुषी मुझे और कया होगी,मि0 पोजर्स ने सिर झुकाते हुए कहा ,डचेस के हाथ में प्यार की लंबी रेखा है  पर कर्तव्य निभाते हुए’

‘हॉं हॉं कहते जाइये ,’ डचेस को मजा आ रहा था

‘बचत में आप विष्वास नहीं करतीं,पोजर्स बोलते गये 

‘बचत बहुत अच्छी चीज है ।’ डचेस हंसते हुए बोली,‘जब मैंने पेसले से ष्शादी की उसके ग्यारह महल थे ,एक भी रहने लायक नहीं था,

‘अब उसके पास बारह घर हैं एक भी महल नहीं हैं’लेडी विन्डरमूरे बोली 

‘हॉं मेरे  तो  डचेस कहना चाह रही थी कि मि0 पोजर्स बोले ,‘ आप आराम पसंद हैं, आधुनिकता वादी हैं आराम आधुनिक सभ्यता की देन है ।’

‘ आपने डचेस का हाथ देखकर अच्छा वर्णन किया अब लेडी फ्लोरा का हाथ देखिये’ 

एक एक कर कई हाथें को पोजर्स ने देखा । उनके मेल खाते वर्णन ने लार्ड आर्थर के मन में भी उत्सुकता जगा दी वे भी अपना हाथ दिखाना चाहते थे लेकिन अपने  आप आगे बढ़ने से हिचकिचा रहे थे । वे धीरे से लेडी विन्डर मूरे से बोले कि यदि वे हाथ दिखायें तो मि0 पोजर्स बुरा तो नहीं  मानेंगे ।

‘ अरे बिलकुल नहीं लार्ड आर्थर,’ लेडी विन्डरमूरे बोलीं,‘लेकिन कल सेविल मेरे यहॉं आ रही है अगर पोजर्स ने बताया कि तुम बदमिजाज हो या तुम्हें गठिया है तो मैं उसे बता दॅंूगी ।’

लार्ड आर्थर मुस्कराये ,‘ मैं डरता नहीं सेविल मुझे अच्छी तरह जानती है ’ ।

‘सही है शादी अच्छी तरह एक दूसरे  को देख समझ कर करनी चाहिये । मि0 पोजर्स लार्ड आर्थर का हाथ देखिये हॉं यह मत बताइयेगा कि वे लंदन की सबसे सुंदर लड़की से शादी करने  जा रहे हैंक्योंकि यह तो एक महिने पहले ही मॉर्निंग पोस्ट अखबार में छप चुका है । अव्छा आप इनका हाथ देखिये हम जरा उधर  जा रहे हैं ’

लेकिन जब पोजर्स ने  लार्ड आर्थर का हाथ देखा तो उनका चेहरा पीला पड़ गया ,एक कंपकपी उनके ष्शरीर में लहरा गई । भौंहें सिकुड़ गई । माथे पर पसीने की बॅूंदें छलछला आईं । उंगलियॉं ठंडी पड़ गई ।

लार्ड आर्थर पोजर्स की  दषा देख खुद डर गये  उनका मन हुआ कि उठकर भाग जायें,लेकिन क्या बात है यह जानना भी चाह रहे थे ।

‘मैं इंतजार में हॅूं मि पोजर्स। वे बोले 

‘ हम सब भी ’ लेडी विन्डरमूरे बोलीं 

‘ लगता है लार्ड आर्थर स्टेज पर काम  करने जा रहे हैं वह भी सेविल के संग और मि0 पोजर्स बताने में हिचकिचा रहे हैं ’ लेडी जेडवर्ग बोलीं ।

कुछ देर तक पोजर्स आर्थर का हाथ उलटते पलटते  फिर अपने को संभाल कर बोले ,‘ यह एक सुदर्षन सभ्य युवक का हाथ है ’

‘ यह तो है ही,’ लेडी विन्डरमूरे बोलीं,पर यह बताइये यह सुदर्षन सभ्य पति भी बनेंगे या नहीं  ।’

वह तो सभी आकर्षक युवक होते हैं ,’ मि 0पोजर्स बोले ,‘ हॉं तो कुछ महिने  बाद लार्ड आर्थर यात्रा पर जायेंगे ’

‘ हॉं ष्शायद हनीमून पर ’

‘किसी रिष्तेदार को  खो देंगे ,’

‘बहन तो नहीं ’ लेडी जेडबर्ग दया भरे स्वर में बोलीं 

‘ नहीं नहीं बहन नहीं ,’ मि0 पोजर्स बोले  ,‘ किसी दूर के रिष्तेदार को ’।

धत् ऐसी कोई बात नहीं बताई कि मैं सेविल को बता सकॅूं । दूर के रिष्तेदारों की अब कौन परवाह करता है। चलो सब लोग खाने पर चलें ।’

लार्ड आर्थर आग के पास खड़े आने वाले मुसीबत के विषय में सोचते रहे । कहीं सेविल से तो झगड़ा नहीं हो जायेगा उनका चेहरा सफेद पड़ गया था अब तक सुख और ऐष्वर्य में पले लार्ड आर्थर संभावित दुःख से डर गये ं

एकाएक मि0 पोजर्स कमरे में आये  । लार्ड आर्थर को देखकर उनका चेहरा पीला पड़ गया । दोनों की ऑंखें मिली एक चुप्पी फैल गई ।

‘डचेस अपना दास्ताना यहॉं भूल गईं थीं  लार्ड आर्थर, अरे यह रहा कहकर जैसे ही वो जाने लगे लार्ड आर्थर बोले ,‘ मि0 पोजर्स मैं जो प्रष्न पूछूॅं उसका मुझे साफ साफ जबाब दे दीजियेगा ’

‘फिर कभी  ,लार्ड आर्थर, डचेस इंतजार कर रही हैं ।’

‘ नहीं आप नहीं जायेगे , डचेस को कोई जल्दी नहीं है,’ इस समय डचेस उनके लिये कोई मूल्य नहीं रखती थी ,‘ आप सच सच बताइये  आपने मेर हाथ में क्या देखा? सच बताइयेगा ,मैं बच्चा नहीं हॅूं ।’

‘ पोजर्स की ऑंख चष्मे के अंदर मिचमिचाई,व्यग्रता से बोले ,‘ यह आप कैसे कह सकते हैं कि मैंने कुछ देखा है ।’

‘ मैं जानता हॅं और जानना चाहता हॅूं वह क्या है मैं तुम्हें सौ पाउन्ड का चैक दॅंूगा ।’ 

‘ सौ पाउन्ड ’

‘ हॉं मैं कल ही चैक  भेज दॅूंगा आप पता दीजिये ’

मि0 पोजर्स ने अपने वेस्टकोट में से कार्ड निकाल कर थमा दिया,‘ मैं दस से चार बजे तक देखता हॅूं  परिवार के  लिये पैसे कम ।’

‘जल्दी करो  ,’ लार्ड आर्थर ने उत्सुकता से  हाथ बढ़ाते हुए कहा ।

‘जरा समय लगेगा लार्ड आर्थर आइये बैठ लें ,’ कहकर मि0 पोजर्स ने मैग्नीफाइंग ग्लास निकाला उसे पोंछ कर लार्ड आर्थर का हाथ थाम लिया ।

दस मिनट बाद भयभीत चेहरे और दुःख भरी ऑंखों के  साथ लार्ड आर्थर वैन्टीक हॉल से तेजी से बाहर जा रहे थे । पुलिसवाला, भिखारी अजीब सी नजरों से उन्हें देखने लगे । लैम्प पोस्ट के नीचे लार्ड आर्थर ने  दोनों हाथ देखे । उन्हें लगा  उन पर  खून के दाग  पड़े हैं । मुॅंह से चीख निकल गई । 

‘हत्या ’ हस्त रेखा विषेषज्ञ ने यही देखा था । वे रेलिंग के सहारे खड़े हो गये  ,पेड़ों की आती सांय सांय उनके कानों में टकराने लगी । हत्या’, हत्या बार बार बुदबुदाने लगे । अपने ही ष्शब्द उन्हें बार बार सहारा दे रहे थे  ।

 कुछ देर बाद उन्होंने अपने को मेलबॉर्न चर्च के समीप पाया । सड़क चॉंदी के रिबन के समान चमक रही थी । दूर लैम्प  की रोषनी टिमटिमा रही थी । एकाएक उन्हें लगा कोई उनका पीछा कर रहा है । रिच स्ट्रीट के कोने  पर दो व्यक्ति कागज के टुकड़े को पढ़ रहे थे । उत्सुकतावष वे भी वहॉं पहुॅच गये । बड़े बड़े काले अक्षर में हत्या शब्द छपा देख चौंक गये । हत्यारे का सुराग देने वाले को इनाम की घोषणा थी । लगा सारा रक्त चेहरे पर जमा हो गया है । बार बार घोषणा पढ़ने  और हत्यारे का चेहरा देखने लगे । कभी उनकी तस्वीर भी जगह जगह चिपकी होगी । उनके भी सिर पर इनाम होगा । सोचने मात्र से उन्हें लगा वो वर्षों से बीमार हैं । रात भर इधर उधर भटकने के बाद जब वे बंगले पर पहुॅंचे  तो आसमान में हल्की हल्की सफेदी झांकने लगी थी और चिड़िया चहचहा रही थीं ।

जब लार्ड आर्थर की ऑंख खुली बारह बज चुके थे । रेषमी पर्दे पर सूर्य की प्रखर किरणें टकरा रही थीं । नाष्ते के बाद वो अधलेटे सिगरेट फूंकते  सामने लगे सेविल के फोटोग्राफ को देखने लगे , सिर हल्का सा झुका हुआ था मानो पतली गर्दन सुन्दर चेहरे का भार न उठा पा रही हो । ग्रीक सुंदरियों की सी सुंदरता वाली सेवल  लाखों में एक थी ।एकाएक दया का सा भाव  उभरा  ,इतनी सुंदर स्त्री से  शादी की तारीख बढ़ानी पड़ेगी ।

रात की भावनाऐं अब शांत हो गईं थी । अपने रात भर भटकने पर उन्हें ष्शरम आई कि वे इतने अव्यावहारिक कैसे हो गये  ?

 aage bhi


Do you know

 

A giraffe can clean its ears with its 50cm tongue

Shark are blessed creatures They are immune to all known diseases

If you keep a gold fish into dark it will eventually turn white

An ant can lift 50 times its own weight can pull 30 times its own weight and falls over on its right side  when intoxicated

 

A goat’s eyes have got rectangular pupits

A shrimps heart is in its head

Evry shrimp is actually born mail and becomes female as it matures .Now that” away to stop gender discrimination

A cat has 100 vocal cords

On an average a hedgehog's  heart beats 300 times per minute

It would take just one night for amole to dig a tunnel measuring 300 feet in length coal miners quit

Saturday, 17 August 2024

Karorpati Bhikhari By oscar

 करोड़पति भिखारी


                                             लेखक॰ आस्कर वाइल्ड अनुवाद डा॰ शशी गोयल


अगर कोई व्यक्ति धनवान है तो उसका सुन्दर असुन्दर होना कोई अर्थ नही रखता । प्रेम अमीरों का अधिकार है बेकार व्यक्ति का इससे कोई लेना देना नही है।गरीबों को हमेषा व्यावहारिक होना चाहिये। आधुनिक सभ्यता की ये सचाइयाँ हैं। लेकिन ह्नयूज एरिस्निक यह कभी नही समझ पाता । बेचारा ह्नयूज! बौद्विक रूप से उसकी कोई महत्ता नही है न अपनी  ंजिन्दगी में उसने कोई महत्वपूर्ण कार्य किया न कोर्इ्र ऐसी वैसी बात ही की। लेकिन वह भूरे बाल, तीखे नाक नक्श और भूरी आँखो वाले सुदर्शन व्यक्तित्व का मालिक था। वह पुरूषों के बीच भी उतना ही लोकप्रिय था जितना महिलाओं के बीच। वह अन्य सभी कार्यो में बहुत चतुर था सिवाय पैसा कमाने के । पिता ने विरासत में पेनिनसुला युद्ध का पन्द्रह खंडो में इतिहास और एक छोटी तलवार छोड़ी थी। ह्नयूज ने तलवार शीशे के ऊपर और इतिहास को शैल्फ मे सजा दिया था। उसने करने की तो बहुत कुछ सोची, छः महीने तक स्टॉक एक्सचेंज गया लेकिन सांड़ो और भालुओं के बीच नाजुक तितली क्या कर सकती है। कुछ दिन यूखी शैरी बेची उससे भी कुछ नही हुआ। अंन्त में वह कुछ नही बना वह बना बुद्धिजीवी। ऊपर से मुश्किल यह कि वह प्रेम में और पड़ गया। 

लड़की का नाम था लोरा मार्टिन भूतपूर्व कर्नल की पुत्री जो अपना क्रोध और हाजमा भारत में छोड़ आया था, और फिर उसे कभी नही पा सका। लोरा ह्नयूज की पूजा करती थी और ह्नयूज लोरा के जूते के फीते तक चूमने को तैयार रहता था। लंदन का यह सुन्दरतम जोड़ा था लेकिन उसके पास फूटी कौड़ी भी नही थी। कर्नल को ह्नयूज बहुत पंसद था लेकिन सगाई की बात सुनने को तैयार नही था।

‘जब तुम्हारे पास दस हजार पाउन्ड हो जाये मेरे बच्चे तब इस विषय में बात करना ,’वह कहता। ह्नयूज बहुत उदास रहता था। लोरा उसे सात्वना देने जाया करती थी।

एक दिन वह सुबह जब हॉलैंड बाग की ओर जा रहा था रास्ते में एलन ट्रेवर के यहाँ रूक गया। टैªवर चित्रकार था। आजकल तो हर कोई चित्रकार है लेकिन वह चित्रकार होने के साथ साथ कलाकार थी था। स्वयं उसका चेहरा तो बहुत सूखा था लेकिन उसी के तूलिका में चमत्कार था उसके बनाये चित्र हाथों हाथ बिक जाते थे। टैªवर ह्नयूज को देखकर उसकी ओर पहली ही बार में आकर्षित हो गया था।

चित्रकार को ऐसे व्यक्तियों की जानकारी होनी चाहिये। वह कहा करता था जो सुन्दर सुदर्षन हों और बात करने में पता लगे बौद्धिक हैं। कुछ भी तो जब से ट्रैवर ने ह्नयूज को देख था वह उसे अपना मित्र बना बैठा था और ह्नयूज को उसके स्टूडियो में आने की पूर्ण स्वतन्त्रता थी।

जब ह्नयूज टैªवर के स्टूडियो में पहुँचा टैªवर एक भिखारी के आदमकद चित्र को आखिरी हाथ लगा रहा था। स्टूडियो के कोने में बने ऊँचे चबूतरे पर वह भिखारी बैठा था। वह एक वृद्ध व्यक्ति था। चेहरा झुरियों से भारा था चेहरे पर दयनीयता के भाव थे। उसके कंन्धे पर जगह जगह से फटा पैबंद लगा मोटा कोट झूल रहा था। उसके जूते जगह जगह से गठे हुए थे। एक हाथ से वह लकड़ी पर दबाब डाल कर बैठा हुआ था। दूसरे हाथ मंे भीख  के लिये ख्ुाला हैट था। 

‘क्या बढ़िया मॉडल है ’मित्र से हाथ मिलाते हुए वह फुसफूसाया

‘बढ़िया मॉडल टैªवर जोर से चिल्लाया ऐसे मॉडल तो कभी कभी मिलते हैं। यह मेरी खोज है । मेरा भाग्य सितारा ।’

‘बेचारा ’ह्नयूज बोला ‘कितना दयनीय लगता है इसका भाग्य इसके चेहरे पर झलक रहा है। ’

‘वो तो है ही’ टैªवर बोला,‘ पर क्या तुम्हें अच्छा लगेगा कि एक भिखारी का चेहरा प्रसन्नता लिये हो।’

‘एक मॉडल को एक बार की बैठक का क्या मिलता है?’ दीवान पर आराम से बैठते हुए ह्नयूज ने पूछा 

‘एक घंटे का एक शिलिंग’

‘तुम्हें तुम्हारे चित्र की क्या कीमत मिल जाती है।’ 

‘दो हजार’

‘पाउन्डस ?’

‘गिन्नियाँ चित्रकार कवि हमेशा गिन्नियाँ पाते हैं।’ टैªवर ने कहा

‘अरे ! मॉडल को भी छः प्रतिशत अवश्य मिलना चाहिये। वह भी उतना ही परिश्रम करता है जितना तुम लोग।’ ह्नयूज चिल्लाया । 

‘बकवास, तुम्हीं देखो केवल रंगते रहना ही नही सारे दिन एक टाँग पर ईजल पर भी खड़े रहना पड़ता है । कहने में अच्छा लगता है पर पूरी मेहनत का काम है।‘अच्छा अब बात मत करो ध्यान हटता है तुम तब तक सिगरेट पियो।’

कुछ ही देर बाद नौकर आया और बोला ,‘आगवाला बात करना चाहता है।’

‘ चले मत जाना ह्नयूज ’टैªवर बोला,‘ मैं जरा देर में आता हूँ। ’

टैªवर की अनुपस्थिति का भिखारी ने भी फायदा उठाया और पीछे पड़ी लकड़ी की बेंच पर लेट गया। वह इतना एकाकी और बेसहारा लग रहा था कि ह्नयूज को उस पर दया आये बिना नहीं रही। उसने अपनी जेब टटोली । कुछ शिलिंग पड़े थे। बेचारा बूढ़ा उसने सोचा इसे इनकी मुझसे अधिक आवश्यकता है। कोई बात नही पन्द्रह दिन जरा हाथ तंग रहेगा। वह उठा और वे सिक्के भिखारी के हाथ में दे आया।

बूढ़े ने उसे देखा एक फीकी मुस्कराहट उसके चेहरे पर आई ‘धन्यवाद साहब ,’वह बोला ,‘बहुत बहुत धन्यवाद ’टैªवर के आते ही ह्नयूज ने उससे आज्ञा ली। सारा दिन लोरा के साथ बिताया। उसे भिखारी के विषय में बताया साथ ही उससे अपनी फिजूल खर्ची के लिये डॉट खायी और घर चला गया।

रात ग्यारह बजे के आसपास वह क्लब गया। उसने देखा सामने ही टैªवर बैठा धुआ उड़ा रहा था। 

‘एलन क्या तुम्हारा चित्र पूरा हो गया।’ सिगरेट जलाते हुए ह्नयूज ने पूछा। ‘खतम भी हो गया ओर उसे मढ़वा भी दिया।’ टैªवर बोला ,‘लेकिन एक बात है वह बूढ़ा मॉडल तुमसे खूब प्रभावित हुआ है। उसे मैने तुम्हारे बारे में सब बताया है कि तुम कौन हो कहाँ रहते हो क्या करते हो क्या कमाते हो और क्या करना चाहते हो ? ‘क्या? ’ ऐलन ह्नयूज चिल्लाया ,‘तुमने तो ऐसे सब बता दिया कहीं घर जाऊं तो बैठा ही न मिले। तुम मजाक कर रहे हो मुझे वास्तव में उस पर दया आ रही है । मै उसके लिये कुछ करना चाहता हूँ। हे ! भगवान ऐसी गरीबी। ऐसा है एलन मेरे पास कुछ पुराने कपड़े पड़े हैं अगर उसे दे दूँ तो कैसा रहेगा उसके चिथड़े बिल्कुल गल गये हैं। लेकिन इन कपड़ों में वह लगता बहुत अच्छा है , ’’ टैªवर बोला ,‘तुम जिन्हें चिथड़े कह रहे हो मैं उन्हें अनुभव कहूँगा तुम्हारे लिये वह गरीबी है मेरे लिये कला का विषय ।ख्ैार में उसे तुम्हारी पेशकश के विषय में बता दूँगा।’

एलन ह्नयूज बोला,‘ तुम चित्रकार लोग ह्नदयहीन होते हो।’

‘एक चित्रकार का ह्नदय उसका सिर है। ’टैªवर बोला,‘ हमारा व्यापार संसार जैसा है उसे चित्रित करना है न कि उसे सुन्दर बनाना। अच्छा लोरा बताओ कैसी है उस बूढ़े मॉडल को भी उसमें बड़ी दिलचस्पी हो गई है।’

‘क्या मतलब है तुम्हारा तुमने लोरा के विषय में भी बता दिया ,’ह्नयूज बोला।

‘ बिल्कुल उसे सब मालुम है उस कर्नल के विषय में, लोरा के विषय में और दस हजार पाउन्ड के विषय में भी ।’

‘तुमने उस बूढ़े मॉडल को मेरी सारी व्यक्तिगत बातें बता दी।’ ह्नयूज जेार से बोला। वह गुस्से से लाल हो रहा था।

‘ मेरे बच्चे,‘ टैªवर मुस्कराते हुए बोला,‘ वह बूढ़ा भिखारी जैसा कि तुम कहते हो यूरोप का सबसे अमीर व्यक्ति है। वह कल ही सारे लंदन को एक झटके में खरीद सकता है। उसका हर राजधानी में एक घर है। सोने की प्लेटों में खाना खाता है। जब चाहे तब रूस को युद्ध से रोक सकता है।’

‘तुम कहना क्या चाहते हो ?’ ह्नयूज आश्चर्य से चिल्लाया।

‘ मैं कह रहा हूँ ,’टैªवर बोला ,‘आज जिस बूढ़े को मेरे स्टूडियो में देखा था वह बैरान हैसबर्ग है वह मेरा मित्र है सारे चित्र खरीदता है। उसने मुझे भिखारी के रूप में चित्रित करने के लिये पहले ही रूपया दे दिया था। मेरे चिथड़ों में वह जम खूब रहा था। वह सूट तो मैने स्पेन में लिया था बहुत पुराना था।’

‘बैरान हैसबर्ग’ ह्नयूज भौचक्का सा बोला,‘ हे भगवान और मैने उसे सिक्के दे दिये। ’वह आराम कुर्सी में हताशा में गिर पड़ा। 

‘क्या तुमने उसे शिलिंग दे दिये’। टैªवर बोला फिर ठठा कर हँस पड़ा ।‘ मेरे प्यारे बच्चे अब वह तुम्हें कभी नही दिखेगा। ’

‘तुम्हें मुझे बता देना चाहिये था ’ह्नयूज डूबते स्वर में बोला ,‘कैसी बैवकूफी कर बैठा मैं।’

‘सही तो यह है ह्नयूज ’ टैªवर हँसते हुए बोला,‘ मुझे अंदाज ही नही था कि भीख के टोप को तुम इतनी गंम्भीरता से ले जाओगे। मैं वैसे उस समय किसी को आने देने के लिये तैयार नही था फिर मैने सोचा तुम आ ही गये हो तो बैठ जाओ हो सकता है हैसबर्ग को अपना परिचय इस प्रकार की पोशाक में अच्छा न लगे इस लिये मैने कुछ बताया नहीं।’

‘वह मुझे बिल्कुल गधा समझ रहा होगा।’

‘नही बिल्कुल तो नहीं जब तुम चले आये वह बहुत प्रसन्न था। बार बार अपने झुर्रीदार हाथों को रगड़ रहा था। मेरी समझ नहीं आया था कि वह तुम्हारे बारे में इतना पूछने को क्यों उत्सुक है। लेकिन अब देखना तुम्हारे उन शिलिंगो का ब्याज हर छः महिने पीछे भेजा करेगा और पार्टियों में किस्सा सुनाया करेगा।’

‘मैं हंूँ ही अभागा,’ ह्नयूज गुरगुराया,‘ अच्छा एलन मैं सोने जाता हूँ पर देखो किसी को बताना नहीं, नहीं तो किसी को मुॅंह दिखाने काबिल नही रहूँगा।’

‘बेकार की बात है ह्नयूज यह तो तुम्हारा दयालु ह्नदय दिखलाता है । भागो मत एक सिगरेट और पी जाओ और लोरा के विषय में बताओ। ’लेकिन ह्नयूज रूका नही अप्रसन्न घर वापस आ गया। उधर ऐलन को हँसी के दौरे पड़ रहे थे।

अगले दिन जब ह्नयूज अपना नाश्ता कर रहा था। नौकर एक कार्ड लाया जिस पर लिखा था ‘

गुस्ताव नॉडिस बैरॉन हैसबर्ग की तरफ से ’

अब इसे क्यों भेजा है शायद मेरा मजाक डड़ाने के लिए ह्नयूज बड़बड़ाया और नौकर से उसे ऊपर भेजने के लिये कहा।

सफेद कपड़ों में एक बूढ़ा व्यक्ति सोने का चश्मा पहने ऊपर कमरे में आया और बोला ,‘क्या मैं ह्नयूज एरोस्किन से बात कर रहा हूँ।’ उसका लहजा फ्रांसीसी था। 

ह्नयूज ने सिर हिलाया 

‘मुझे बैरान हैसबर्ग ने भेजा हैै।’

‘बैरॉन ? कृपया महाशाय आप उनसे मेरी तरफ से माफी माँग लीजियेगा ।’ हकलाते हुए ह्नयूज बोला,‘ बैरॉन ने ’वह बूढ़ा मुस्कराते हुए बोला ,‘मुझे आपके पास यह पत्र लेकर भेजा है।’ यह कहकर एक बंद लिफाफा पकड़ा दिया।

लिफाफे के बाहर लिखा था ह्नयूज एरिस्किन और लोरा के विवाह की भेंट एक भिखारी की ओर से। 

अंदर दस हजार पाउन्ड का चैक था। 

जब उनका विवाह हुआ टैªवर सहवाला बना था। और बेरान ने प्रीति भोज के समय भाषण दिया करोड़पति मॉडल बहुत कम होते हैं एलेन ने कहा लेकिन भगवान की कसम मॉडल करोड़पति अब भी बहुत मुश्किल से मिलते हैं।


Thursday, 8 August 2024

barat

 अब बराती होना और पहले बराती होने में बहुत अंतर है । बरात बहुत कीं । पहले बराती होने का मतलब होता था तीन दिन पांँच दिन के राजा जो लड़की वाले के सिर पर नाचते रहते थे ,‘अरे दूध में मेवा कम है , अरे ! यह क्या ? अभी तक नाश्ता नहीं आया ,झोल में घी तो डाला ही नहीं ।’ और घबड़ाया लड़की वाला मनुहार ही करता रहता था ।भर भर थैला सामान लाया करते थे ,मेवा , नमकीन आदि अब घराती बराती में फर्क ही नहीं । बहुत हुआ तो बराती के गले में एक माला डल जाती है फिर खाओ वैसे ही धक्के खाते हुए और जाओ घर ।

पर मैं यहाँ बात कर रही हूँ राम बरात की । हर शहर में राम बरात निकलती है । हमारे शहर मथुरा में भी राम बरात निकलती है । चुंकि हमारा घर मुख्य बाजार में था इसलिये वहाँ से बरात निकलती ही थी । क्योंकि बरात निकलते तीन चार घंटे बीत जाते थे और तरह तरह खोमचे सजे होते थे तो जाहिर है बच्चे खाने पीने की तैयारी के साथ देखने बैठते थे  हम सब के पास तरह तरह के नमकीन की पुड़ियाऐं रहती थीं ।बारात के ढोल ताशे शुरू हुए गणेश जी की सवारी निकली। दो एक अन्य देवी देवताओं की सवारी आई इसके साथ ही एक शोर सा सुनाई दिया साथ ही  जैसे सैलाब द्वारका धीश मंदिर की ओर भागने लगा ,हम कुछ समझ नहीं पाये और नई सवारी के लिये छत से झांक रहथे कि  बहंगियेंा पर एक के बाद एक घायल निकलने लगे ।हम सब धक् रह गये यह कैसी बरात ? छोटे थे एकदम बडों से चिपक गये। हमें अंदर भेज दिया गया,पर डर समा गया था । ज्ञात हुआ जहां से बरात निकलनी प्रारम्भ हो रही थी ,एक पांच मंजिला मकान भीड़ पर गिर गया । यह अवश्य हुआ था कि राम जी का हाथी एकदम पीछे हो गया स्वरूपों को कुछ नहीं हुआ, पर उस हादसे में बहुत जान गईं और घायल हुए ।बरात की वे घायलों की झांकियाँ भूल नहीं पाती हूँ।शशि गोयल


manvta ke par pul

2 केवल एक सार्वभौमिक ईश्वर 

कुछ लोग ईश्वर शब्द के किसी भी वैध उपयोग से इनकार करेंगे क्योंकि इसका बहुत दुरुपयोग किया गया है। निश्चित रूप से यह सभी मानवीय शब्दों में सबसे बोझिल है। ठीक इसी कारण से यह सबसे अविनाशी और अपरिहार्य है। 1ऋ 

                                                                   . मार्टिन ब्यूबर 

सभी आस्तिक धर्मों मेंए चाहे वे बहुदेववादी हों या एकेश्वरवादीए ईश्वर सर्वोच्च मूल्यए सबसे वांछनीय अच्छाई का प्रतीक है। इसलिएए ईश्वर का विशिष्ट अर्थ इस बात पर निर्भर करता है कि किसी व्यक्ति के लिए सबसे वांछनीय अच्छा क्या है। 2 

                                                                    .एरिच फ्रॉम 

मुझे याद है भारत में जब स्टैनफोर्ड बिजनेस स्कूल के मेरे सहपाठीए डैन रूडोल्फए जो उस समय स्टैनफोर्ड बिजनेस स्कूल के मुख्य परिचालन अधिकारी थेए अपने परिवार के साथ कैलिफ़ोर्निया से मुझसे मिलने आए थे । । उनकी दो बेटियाँए क्रमशः सात और नौ वर्ष कीए जिनका पालन.पोषण एक कट्टर ईसाई परिवार में हुआए हिंदू पौराणिक कथाओं से काफी आकर्षित हुईं। 


1 मार्टिन बूबरए आई एंड तू ;न्यूयॉर्करू साइमन एंड शूस्टरए 1996द्धए 123.24। 

2 एरिच फ्रोमए द आर्ट ऑफ लविंगए फिफ्टीथ एनिवर्सरी एडिशन ;न्यूयॉर्करू हार्पर कॉलिन्सए 2006द्धए 

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वे छोटी.छोटी मूर्तियां घर ले गईं, लक्ष्मी ;धन की देवीद्धए सरस्वती ;ज्ञान की देवीद्ध और गणेश ;सौभाग्य के देवताद्ध। बाद में एक दिनए जब एक बेटी कैलिफ़ोर्निया में स्कूल जा रही थीए तो उसकी माँ ने उत्सुकता से उसे परीक्षा के लिए शुभकामनाएँ दीं। उसने अपनी माँ को उस खुले दिलए चंचल आत्मविश्वास से आश्वस्त किया जो छोटे बच्चे अक्सर प्रदर्शित करते हैंरू श्माँए चिंता की कोई बात नहीं है। मेरी एक जेब में गणेश और दूसरी जेब में सरस्वती हैं इसलिए मेरा पूरा ख्याल रखा जाता है!श्

अपनी मासूमियत मेंए और बच्चों के रूप मेंए हम बहुत आसानी से और स्वाभाविक रूप से विभिन्न धर्मों और पौराणिक कथाओं की अवधारणाओं को अपने जीवन में शामिल कर सकते हैं। मेरा जन्म पुरानी दिल्ली में हुआ थाए जो आज भी दुनिया के सबसे धार्मिक बहुलतावादी स्थानों में से एक है। एक बच्चे के रूप मेंए मैं कई धर्मों की जीवंत परंपराओं से परिचित हुआ और विभिन्न धर्मों की विविधता और समानताओं से आकर्षित हुआ करता था। वयस्कता मेंए इन समानताओं को अधिक पाठ.आधारित धार्मिक साक्ष्यों के माध्यम से सुदृढ़ किया गया क्योंकि मैंने सभी प्रमुख धर्मों के धर्मग्रंथों को अधिक बारीकी से देखा। प्रारंभ मेंए यह पाठ मुझे मेरे माता.पिता की शिक्षाओं और ऋग्वेद के एक विशेष ष्ष्लोक अंश के माध्यम से मिलारू श्एकम सत् विप्रा बहुदा वदन्तिश् ;सत्य एक हैए लेकिन बुद्धिमान लोग इसे कई के रूप में जानते हैंद्ध।1 यह इस में प्रतिध्वनित है। कुरानए जो पुष्टि करती है कि एक ही सत्य मठों चर्चों आराधनालयों और मस्जिदों में बोला जा रहा है जहां भगवान के नाम का प्रचुर मात्रा में स्मरण किया जाता है। इसी तरह  सिख धर्म के संस्थापक गुरु नानक ; पच्चीस करोड़ अनुयायियों के साथ दुनिया का पांचवां सबसे बड़ा धर्म    सिखाया गया कि  ऐक ईश्वर हैए जिसका नाम सत्य हैए निर्माताए बिना किसी डर केए बिना नफरत केए कालातीत रूप में जन्म से परे स्वयं विद्यमानए गुरू की कृपा से जाना जाता है 

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Wednesday, 7 August 2024

dhokha dena jayaj hai

 ☺घोखा देने को जजों द्वारा दी गई मान्यता

वे इस समाज में नहीं रहते क्योंकि वे अपने को दुनिया से ऊपर मानते हैं अकड़े रहते हैं  िकवे सुप्रीम कोर्ट के जज हैं उनके निर्णय पर भारत की आत्मा टिकी है परन्तु अधिकतर निर्णय आजकल एकतरफा जातिगत भेदभाव से लिये होते हैं जैसे एक वर्गको प्रसन्न करने के लिये गलत निर्णय देने से भी नहीं हिचकिचाते और विवके से दूर होते हैं,हृदय के पास तो कतई नहीं होते ऐसा लगता है किसी प्रकार के दबाव में निर्णय दे रहे हैं ।

नाम का केस देख लो नाम लिखे जाने से क्या परेशानी क्या हिंदू क्या मुसलमान दोनों पक्ष अपना नाम लिख रहे हैं क्या मुसलमान खना नहीं खाते मुसलमान खरीदारी नहीं करते  कभी सुबह के हाट बाजार में जाओ काले बुरके ही बुरके मिलेंगे  तो इसमें क्या परेशानी वे भी इंसान हैं उनकी भी आवश्यकतायें हैं वे क्यों नहीं निकलेंगे दोनों पक्ष दोनों प्रकार की दुकानों से सामान खरीदते हैं इसमें कोई परेशानी नहीं परंतु खाना अलग विषय है सादा खाने वाले को मीट की गंध भी सहन नहीं होती अगर उसे पता चल जाय पास में मीट पक रहा था तो शायद कई दिन उसे उल्टी होती रहेगी, क्या किसी को जबर्दस्ती मांसाहार कराया जायेगा। अरे मांसाहार खाने वाले तो हर प्रकार के ढावे पर चले जायेगे लेकिन शाकाहरी व्यक्ति नहीं खा सकता । तो क्यों नाम छिपाने के लिये जज सही ठहरा रहे हैं इस प्रकार तो धोखा देने को स्वयं जज मान्यता दे रहे हैं क्या पेशाब किये खाने को जज खा सकते हैं अगर वे खालें तो मैं उन्हें प्रणाम करुंगी जिन्होंने यह निर्णाय दिया किनाम की आवश्यकता नही ंतो मुलमान के ढावे पर हिन्दू देवी देवताओं के नाम क्यों? नाम मत लिखाइये जिस नाम से लाइसेंस लिया है उसे लिखे जाने में क्या हर्ज कै कि लाइसेंस प्राप्त ढाबा है या नहीं ।खाने की लिस्ट रहनी चाहिये ।