समाचार
नर्सों से सामूहिक बलात्कार
(हमारे विशेष संवाददाता द्वारा)
पढ़कर एक पाठक ने लिखा
संपादक को पत्र करारा
ऐसे संवाददाता को फौरन भगाइये
इन्हें तो आजन्म जेल की हवा खिलाइये
अगले अंक में इस संवाददाता को पायेंगे
तो आपके दफ्तर में आग लगा जायेंगे।
समाचार
नर्सों से सामूहिक बलात्कार
(हमारे विशेष संवाददाता द्वारा)
पढ़कर एक पाठक ने लिखा
संपादक को पत्र करारा
ऐसे संवाददाता को फौरन भगाइये
इन्हें तो आजन्म जेल की हवा खिलाइये
अगले अंक में इस संवाददाता को पायेंगे
तो आपके दफ्तर में आग लगा जायेंगे।
पैरी के विषय में प्रथम बार सूचना माबारा के शरणार्थी शिविर से मिली जहाँ सूरज डूबते समय वह दिखाई दिया था। पैरी यमनी शरणार्थी के बीच पहुँचा उसने एक बोरा खेाला और आये हर शरणार्थी को दस पाउण्ड का एक नोट पकड़ाया। वहाँ वह बहुत शांति में बैठा रहा और साथ ही कहा कि उसे जल्दी जाना है क्योंकि अन्य शिविरों में भी रकम बॉटनी है इसलिये चंद मिनट ही ठहरेगा। साथ ही कहा अगर इतनी देर में अपने मित्र और रिश्तेदारों को बुला सकते हों तो बुला लायें। आश्चर्य चकित यमनी लोग अपने परिचितों को बुलाने दौड़ और जो कोई भी नजर आया उसे बुला लाये। जब सब आ गये तब उसने चंद मिनट का भाषण दिया और उनसे अनुरोध किया कि वे अपने सामूहिक शत्रु के खिलाफ यानि सरकार के खिलाफ एकतावद्ध हांे और भूमिगत कार्य करने वाले क्रांतिकारी नेता मेनाचिम बेजिन के दल में सम्मलित हांे जो कि गरीब शरणार्थीयों का दुख दर्द समझने वाले मात्र एक व्यक्ति है।
जैसे जैसे उस विलक्षण व्यक्ति के विषय में बात फैली शिविर के लोगों की भीड़ उसके इर्दगिर्द जमा हो गई। कुछ नोट और बाँटें गये उसने थैला कंधे पर डाला। तेजी से सड़क की ओर जीप आकर रूकी वह कूद कर उसमें चढ़ा और हैका की ओर चल पड़ा।
यमनी शरणार्थीयों ने कृतज्ञ होकर ईश्वर से उसके लिये प्रार्थना की क्योंकि वह उनके पास ऐसे आया मानो स्वर्ग से भेजा कोई देवदूत हो। इस बीच पुलिस ने तेल अबीब की उस टैक्सी को ढूँढ निकला जोकि पैरी को माबारा छोड़ आई थी।
‘हाँ’ ड्राईवर ने कहा,‘ मै हैरान रह गया। जब उसने केवल रमात हशारोन से मबारा ले जाने के पन्द्रह पाउड दिये। उतरते समय उसने मेरे कंधे को थपथपाया और कहा,‘ देखना भविष्य मे हर चीज इससे अच्छी होने वाली है हमारा पाला तो एक से एक सनकी लोगों से पड़ता है।’
जब पुलिस पहुँची पैरी रमात हषारोन से चंद मिनट पहले ही रवाना हो गया। पुलिस ने उपस्थित भीड़ से जानना चाहा तो सब एक साथ बोलने लगे। बहुत मुश्किल से पुलिस समझ पाई कि वे क्या बताना चाहते हैं ? इस सबमे दस मिनट लग गये। किसी ने भी जीप का नम्बर नहीं देखा।
हैफा और उसके आसपास के बंदरगाहों की पुलिस चौकियों पर भी वायरलैस से खबर भेजी गई कि जीपों की जाँच पड़ताल की जाये किसी को भी जाने न दिया जाये। पुलिस पैरी के विषय में अगर कुछ किसी से पूछती तो वह अलग ही बताता
उत्तरी अफ्रीका के एक देशान्तरवासी से बताया कि वह बाईविल में वर्णित एक चरित्र की तरह कपड़े पहने हुए था। एक मिस्त्रवासी ने कहा कि पाउंण्ड बाँटने वाला दुबला पतला था और स्वप्निल आँखे किसी कवि की सी थी। एक ने कहा कि चतुर व्यापारी है बस एक बात सब कह रहे थे हमारे लिये तो वह रॉबिनहुड था और वे चाहते थे कि किसी प्रकार का नुकसान नहीं पहुँचाया जाये।
शाम को पुलिस हैडक्वार्टर में खबर पहुँची कि बेतलिंग के एक शिविर में पाँच बोरों से लदा फदा थका थका सा व्यक्ति पहुँचा था। वह एकदम से पहँुचा थैला खोल शरणार्थियों को पाँच पाँच पाउन्ड के नोट दिये। साथ ही कहा कि वह बहुत थक गया है। उसे शिविर में खाना खिलाया गया वह लड़खड़ाता सा आगे बढ़ा एक स्टेशन बैगन रूकी और वह उसमें बैठकर चला गया।
दिन बीतते रहे पर पुलिस पैरी तक नही पहुँच पा रही थी अधिकतर जब तक उसके पता लगे स्थान पर पुलिस पहुँचती वह निकल जाता था । अब पुलिस का विश्वास डगमगाने लगा कि शायद ही वे पैरी को पकड़ पायंे। एक इतवार को पुलिस के पास सूचना आई कि तेल अबीब में एक फल वाले की दुकान पर झगड़ा हो गया है। गश्ती कार में सवार होकर पुलिस दल वहाँ पहुँचा। उसने देखा कि दुकान के भीतर दुकानदार और एक ग्राहक में गरमागरमी हो रही है। ग्राहक कह रहा था कि दुकानदार नफाखोर है।
डेविड के घर के बाहर पैरी को एक साईकिल खड़ी मिली उसने साइकिल उठाई और तेजी से चल दिया। तभी साईकिल का मालिक दूसरे मकान से बाहर निकला और चिल्लाने लगा ,‘चोर चोर वापस लौटे मेरी साईकिल देा।’
कुछ लड़के भी चिल्लाते हुए उसके पीछे दौड़े । पैरी शीघ्र ही शहर के दूसरे छोर पर दूसरे कैशियर योना के यहाँ पहुँचा। उसने दरवाजा खटाखटाया लेकिन योना ने दरवाजा नही खोला । दोबारा खटखटाने पर योना आँखें मलता हुआ आया। दरवाजे खुलने पर नींद की खुमारी में मुस्काराया और बोला क्या बात है जरा धीरे बोलो बच्चे सो रहे है।
पैरी के लिये तो यह अच्छा था। वह योना के पीछे पीछे उसके अध्ययन कक्ष में गया और उसे उसी प्रकार बताया कि प्रसीडेंट ने बैंक से नकदी हटाने में मदद करने के लिये बुलाया है ताकि सरकारी आदेशों के लागू होने से पहले ही काम कर लिया जाय। प्र्रेसीडेन्ट चाहते हैं कि यह काम जल्दी से जल्दी हो। यह कहकर पहले कैशियर से प्राप्त हुई चाबियाँ दिखाईं और कहा डेविड से चाबियाँ लेकर आ रहा है। अब जल्दी से तुम भी बाकी चाबियाँ दे दो जिससे शीघ्र ही काम खत्म कर सकूँ।
योना ने बिना किसी झिझक के पैरी को चाबियाँ दे दी और कहा ,‘वापस मत लाना मैं सुबह बैंक में ले लूँगा।’ पैरी ने उसे सोते से जगाने के लिये माफी माँगते हुए धन्यवाद दिया और बाहर आ गया।
पैरी जैसा चाह रहा था हो रहा था पैरी ने बैंक से दो सौ गज दूर साईकिल एक पेड़ के सहारे खड़ी की। फिर वह तेजी से बैंक के दरवाजे की ओर लपका जहाँ बैंक का चौकीदार सोलोमा बैठा थ। सोलोमा ने उसका स्वागत किया और पूछा कि उसकी छुट्टी कैसे बीती?
पैरी ने बड़ी आत्मीयता से उससे बातें की और कहा कि वह किसी से भी उसके विषय में कोई चर्चा न करे। चौकीदार को भी वही कहानी सुनाते हुए बताया कि प्रैसीडेन्ट चाहते है कि चुपचाप बैंक से रकम हटा दी जाय यह सरकारी आदेश है। उसने उसने तिजोरियों और रोकड़ रखे जाने वाली बक्से की चाबियाँ उसे दिखला दीं, और फिर चौकीदार के साथ बैंक गया। सेालोमा ने नकदी ले जाने वाले थैले उठाये। और इक्ठ्ठे किये पैरी ने बक्से खोले।
पहले कैश बॉक्स की रकम तीन थैलों मे भरी गई और बाकी को भरने में दो थैले और लगे। पैरी ने सोलोमा को टैक्सी लाने भेज दिया। टैक्सी आने पर सोलोमा के साथ कैश टैक्सी में पहूँचाया चौकीदार ने पैरी को सलाम किया और कहा वह किसी से कुछ नही कहेगा। पैरी ने चौकीदार को सहायता के लिये मुस्कराकर धन्यवाद किया।
दस मिनट बाद दो पुलिस वाले बैंक पहुँचे उनके पास वह साईकिल भी थी जिसे पैरी ने सड़क पर सड़क किनारे खड़ा कर दिया था उसकी चोरी की रिपोर्ट उनके पास थी।
पुलिस वालों ने चौकीदार से साईकिल के विषय में जानना चाहा। चौकीदार ने अपनी असमथर््ता प्रकट की।‘ क्या किसी को साईकिल खड़ी करते या चलाते देखा ’तो चौकीदार ने जोर देकर कहा कि उसे कोई भी ऐसा आदमी नही दिखाई दिया । चौकीदार की बातों से पुलिस को संतोष नही हुआ। अभी बैंक डकैती के विषय में कुछ भी खुलासा नही हुआ था उन्हें लगा कि चौकीदार कुछ कहना भी चाहता है पर छिपा रहा है। एक पुलिस वाले ने पूछा कि क्या उस समय वह किसी से बात कर रहा था और पिछले घंटे में क्या करता रहा ? सोलोमा ने अन्य बातों के आलावा यह बताया कि प्रैसीडेन्ट के घर गया है। हाँ सेालोमा छिपा गया कि वह वहाँ क्या करता रहा?
पुलिस ने मि॰ फ्यूचेवांगार से टेलीफोन से सम्पर्क स्थापित किया और जो कुछ उसमें बाते हुई उससे स्पष्ट हुआ कि उन्होंने साईकिल की चोरी के बजाय कोई बहुत महत्वपूर्ण बात खोज डाली है। फिर सोलोमा से पूछताछ करने लगे। चौकीदार ने सब बातें दोहराई पर पैरी बैंक में क्या करता रहा यह छिपा गया।
तब तक फ्यूचेबंगार भी बैंक आ गये थे तब इस डकैती का भेद खुला। पैरी एक लाख 25 हजार इजरायली पौण्ड नगद तथा विदेशी मुद्रा और सिव्यूरिटीज के रूप में 25 हजार डालर लेकर फरार हो गया था।
मि॰ फ्यूचेवांगार स्तब्ध रह गये ।तुरंत पैरी की खोज शुरू हुई। इजरायइल के अपराधों के इतिहास मै तब तक का सबसे बड़ा मामला था। पुलिस के जगह जगह खोजी दल के सदस्य 5 भारी बोरे के साथ व्यक्ति की खोज मैं लग गये।
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इसरायली पुलिस उसके पीछे थी पर वह बच निकलता था। बिजली की तेजी में आता और चला जाता। एक न एक कार उसकी प्रतीक्षा में खड़ी रहती थी। और जहाँ कहीं भी नोटों से भरा थैला लेकर रुकता नोट बाँटना शुरू कर देता। यद्यपि पुलिस का हर सड़क चौराहो पर पहरा रहता लेकिन जब तक पुलिस प्रकट स्थल पर पहुँचती वह दूसरे शिविर में पहुँच जाता।
कुछ ही दिन में अपनी दानवीरता के कारण वह प्रसिद्ध हो गया। कहना नहीं चाहिये किंवदन्ती बन गया। लोग सौगन्ध खाकर कहते कि वह हवा मै गायब हो सकता है। लोग कहते वह खुदा का भेजा फरिश्ता है । उसे खुदा ने गरीबों की मदद के लिये बहिश्त से भेजा है। कुछ शरणार्थी ऐसे भी थे जिन्हें शिविरों में स्थान नही मिला था वे झोपड़ियों में रहते थे। झोपड़ी तेज धूप से बचाव नही कर पाती थी वहाँ गंदगी भी बहुत रहती थी । ऐसे पीड़ित और जरूरतमंद लोगों के लिये पैरी का आना किस देवदूत के आने से कम नही था इसमें आश्चर्य नहीं।
बाद में ज्ञात हुआ कि यह दानवीर जूड़िया की पर्वतमालाओं का सबसे बड़ा चोर और बैंक में डाका डालने वाला डकैत है। उसका चोरी करने का तरीका भी उतना ही अनोखा और तीव्रता भरा था जितनी तेजी से वह आता जाता और उदारता से धन बाँटता था।
वह तेल अबीब की एक बैक का प्रधान खंजाची था। उसका स्वास्थ कुछ गिरा था इसलिये अपने बैक के प्रैसीडेंट फ्यूचैवागर की सलाह पर छुट्टी लेकर गलिली झील के तट पर अच्छे होटल मंे छुट्टियाँ बिताने चला गया था। वहाँ के शांत वातावरण में उसके दिमाग में योजना जन्मी थी।
शाबाश के त्यौहार का दिन था तेल अबीब के सभी उद्योग कारखाने बंद थे। सब जगह छुट्टी थी। यहाँ तक कि बसें भी बंद थी। पैरी को एक ड्राइवर मिल गया उसने ड्राईवर को असिस्टेंट खंजाची के घर छोड़ दिया।
पैरी प्रसन्न मुद्रा मे असिस्टेंट डेविड के घर पहुँचा। डेविड ने उसे संतरे का रस पिलाया उसने डेविड से कहा कि मिस्टर फ्यूचेवांगार ने तिजोरी की चाबी मंगाई है क्योंकि बैकों की तमाम रकम सरकारी आदेश में कब्जे में ली जा रही हैं और मिस्टर फ्यूचेंवागार ने आर्डर दिया है कि तमाम रोकड़ तिजोरी में से निकाल ली जाये।
डेविड सहज ही कहानी पर विश्वास करने वाला व्यक्ति नही था। उसने बैंक के प्रैसीडेन्ट से फोन पर निर्देश पाये बिना चाबियाँ सौंपने से इंकार कर दिया। अपनी योजना का इस प्रकार विरोध होते देखकर पैरी आपे से बाहर हो गया। और भयभीत डेविड को कुर्सी पर बैठे रहने को मजबूर कर दिया।
डेविड को कटार दिखाते धमकाया अगर फौरन चाबियाँ नहीं दी तो मै तुम्हें मार डालंूगा । डेबिड समझ गया कि पैरी अपने आपे में नहीं है उसने चाबियों का स्थान बता दिया। पेरी ने चाबियाँ अपने जेब के हवाले की और फिर अपने असिस्टेंट को कुर्सी से बाँध दिया। उसे चेतावनी दी अगर तुमने टेलीफोन किया या इसकी किसी को खबर दी, तो मैं तुम्हारी बोटी बोटी काट दूगा। यह कहकर उसने बाहर से ताला लगाया और चल दिया।
आधुनिक राबिनहुड
‘एक आईडिया दिमाग में आया है कि किस प्रकार हम पैरी के छिपाये खजाने का पता लगा सकते है ?’एक युवा अफसर बोला ,‘यह पैरी भी बड़ा अजीब आदमी है ,उसके जीवन का लक्ष्य सरकार के खिलाफ बगावत है। किन बजह से वह ऐसा सोचता है यह तो खुदा जाने। मेरी समझ में आया है कि हममंे से एक उसका सहायक बन जाय यह दिखाये कि वह भी बागी है, उसके विचारों से सहमत है । उसकी सरकार के विरुद्व योजना में सहायक होगा। उसके साथ ही जेल से भाग लेंगे तो उसके साथ रहने से यह पता लग जायेगा कि उसने धन कहाँ छिपाया है, जिसने उसे इजरायल का राबिनहुड बना दिया है।’
इजरायल पुलिस महकमें के प्रधान येहेजकाल कुछ देर कहने वाले की ओर देखता रहा फिर बोला,‘ तुम्हारा मतलब है कि तुम चाहते हो कि पैरी को जेल से भगाने की व्यवस्था की जाये।’
‘जी ! सर, यही बात,’ अफसर बोला,‘ मेरे ख्याल से यही तरीका है कि हम उसके द्वारा छिपाये धन का पता लगा लें। वह उगलकर तो कुछ दे नहीं रहा है, कितने प्रयत्न कर लिये। यह सच है कि उसके पास बहुत धन है ।जब वह जेल से बाहर था तो देश भर में घूमकर उसे लुटाता फिरता था।’
सचर सेाचने लगा। उसे चुप देखकर अफसर आगे बोला,‘ निंसदेह यह धन उसका तो है नही उसका विश्वास है कि वह देश का भाग्य विधाता है। वही एक ऐसा व्यक्ति है जो कि इसरायल से विद्रोह नेतृत्व करेगा। अगर कोई विश्वास पात्र बन जाये तो बाकी काम आसान हो जायेगा। ’
पैरी शरणार्थी शिविरों में एकाएक पहुँचता, गरीबों को धन बाँटता और जिस तेजी से आता उसी प्रकार गायब हो जाता । एक गरीब बुढ़िया को 20 पौण्ड का नोट देते हुए उसने कहा था,‘ लो इसे ले जाओ, खाने का सामान खरीद लेना तुम्हें लग रहा है बहुत जरूरत है।’
कुछ लोगों के जमघट के बीच पहुँचकर उसने नोटों का बंडल निकाला और चिल्लाया ,‘यह तो अभी शुरूआत है। तुम सभी के अच्छे दिन आने वाले हैं। अपने लिये कुछ सिगरेट खरीद लेना। तुम्हें अच्छे तंबाकू का स्वाद लिये काफी अर्सा गुजर गया होगा। ’
उत्सुक बच्चों की भीड़ ने सुना कि उनके बीच में एक दाता आया है तो भाैंरे की तरह उसके इर्दगिर्द जमा हो गये। उस दुबले पतले व्यक्ति ने अपने लम्बें थैले में हाथ डाला और नोटों का एक बंडल निकाला फिर सावधानी के साथ एक एक बच्चे को एक एक नोट थमा दिया फिर अपने कूल्हों पर हाथ रख पीछे हटा और संतोष के साथ उसकी ओर अचम्भे से देखने वाली आँखों के घेरे को देखने लगा।
‘अब भागो, बच्चो, इनसे खिलौने खरीदना ढेर से खिलौने ,चाहो तो मिठाईयाँ भी ले लेना और जैसे तेजी से आता गायब हो जाता।
इसरायल में हर बच्चा बच्चा पैरी के नाम से परिचित हो गया। अखबारों में उसके बारे में कहानियाँ छपने लगी। अपने साथ वह नोटों से भरा थैला लेकर चलता अधिकतर टैक्सी ड्राईवर को 10 पौण्ड का नोट वख्शीश में देता था। जिस शिविर मेें जाता सरकार के खिलाफ बोलता और भविष्य में अच्छे दिन आने का वायदा करता । वह शरणार्थियों के लिये घर काम और बच्चों के लिये स्कूल खोलने के इरादे की बात करता । यह अवश्य कहता था जैसे ही वह संगठन तैयार कर लेगा वह कर दिखायेगा । वह दया और सद्भावना का पुतला था। दौलत जैसे कारूॅ का खजाना थी।
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mYVk ekeyk gS tehu ge ij lokj gSA** Qdhj us crk;kA
☺झूम झूम कर नृत्य कर गीत गा रहा था भगवान् तेरे
नीचे गड्ढ़ा आ गया तो मुॅह से निकल हत तेरे।
☺भूखे पेट में अग्नि इस कदर घधकती है कि
कड़कड़ाते जाड़े में भी आसमान की चादर ओढ़ कर सो जाते हैं
☺अर्न्तघ्वनि
सिलैंडर से लगी आग पन्द्रह बचे ( मरे नहीं बच गये यह भी कोई बात हुई सब मरते )
☺हर व्यक्ति वर्तमान व्यवस्था से व्यथित है उसे बदलना चाहता है इसलिए सत्ता मैं आना चाहता है और सत्ता मैं आते ही वह बदल जाता है उसके हालात बदल जाते हैं
☺मंा की सबको फिक्र है क्योंकि मां चौकी दार है रसोई दारिन है नर्स है और खुद के लिये कुछ नहीं हैे
☺मंा वह चीज है जिसका मूल्यांकन मरने के बाद भी नहीं होता ।