Wednesday, 22 April 2026

hum badal rahe hain

 हम अपने अंदर बुनियादी बदलाब चाहते हैं। चेतना जाग्रत होती है पर कैसे के सवाल के साथ ही इब जाती है,कारण मन सोचता कुछ और है लेकिन जब कभी कार्यान्वित करने का  अवसर आता है तो मन बदल जाता है अपने पुराने ढर्रे पर चल देता है। असली बदलाव युवा वर्ग में आ रहा है,रोमांच फन और पैसों के दुरुपयोग का शान शैकत आदि की ओर अधिक घ्यान दे रहे हैं। यहां विचार और विचारक बदल जाते हैं  । भारतीय संस्कृति उच्चतम पायदान पर थी अब धीरे धीरे वह एकदम निचले  स्तर पर आती जा रही  है । बेटा बाप का कत्ल कर रहा है ,बेटी पूरे परिवार को मौत की नींद  अपनी हवस के कारण सुला रही हैं भाई  भाई को मार रहा है बहन हिस्से के लिये लड़ रही है ,इकलौते भाई को मार रही है,जिससे अकेली वह जमीन जायदाद की वारिस बन जाये ।    

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