जब तक सोच मौजूद है शब्द जिंदा रहते हैं और साहित्य का जरिया बन जाते हैं - सिरिल कानेैली
जीवन हर दिन किये जाने वाला नया ईमानदार प्रयोग है, जो बीत गया वह बोझ नहीं अगर उससे सीखे ले। गलतियां हमें तोड़ने नहीं बल्कि तराशने आती हैं। असली ऊर्जा शोर में नहीं उद्देश्य की स्पष्टता में जन्म लेती है। धैर्य दिशा देता है और संयम गति को स्थिर रखता है । हर सुबह खुद से बेहतर बनाने का प्रण करना ही सच्ची आशा है।
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