गर्मी में ठंडी हवा ताजगी देती है तो सर्दी में धूप की गर्मी राहत,धूप तो गर्मी में भी निकलती है,सर्दी में भी पर उसकी नीयत बदल जाती है। हर मौसम का अपना आनंद है । बसंत में फूल का,वर्षा में भीगी भीगी सी धरती,पेड़ पौधे धुले धुले से जैसे प्रसन्नता से नाच रहे हों पर गर्मी में तपन में भी गर्म हवा के साथ लहराते ही व्यतीत करते हैं। अपने दुःखों के साथ भी जीना सीखिये। चुल्लू चुल्लू कर उन्हें उलीच दीजिये बसंत आयेगा अवश्य आयेगा ।
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