कभी कभी मन विचारों के सागर मैं डूबने उतरने लगता है कोई लहर किनारे ाबैठती है और ठकठक कर ती रहती है की हम कहते हैं हमारा अस्तित्व उससे है सातवें आस्मां पर बैठा है कभी कहते हैं हम माता पिता की कभी गुरु हमें बनाने वाले कहलाते हैं आसमान मैं बैठा चाँद हमें देखता है गुदगुदाता है तेरे चेहरे पर जो मुस्कान है न वही तेरे दिल का तू है तब ही जब तक तेरे अंदर की मुस्कान है वही तेरा उजाला है नहीं तो तू एक मुर्दा है श्मशान मैं मुर्दों बीच घूमने वाला मुर्दा
Friday, 12 January 2018
Sunday, 7 January 2018
चेहरा जरूरी है
एकल परिवार ने संवेदनशीलता भी ख़त्म कर दी है अब किसी से किसी को कोई मतलब नहीं है अधिकांश बच्चे ौकरी करना पसंद करते हैं क्योंकि प्रकार का बंधन अब उन्हें स्वीकार नहीं केवल वे और परिवार उसके अंदर माँ बाप भी नहीं आते विवाह निमंत्रण रहता है दावत के समय आये खाया पिया हाथ पोंछे और चल दिए इतने ही होते हैं परन्तु मृत्यु तो ऐसा विषय नहीं है रौनक या मनोरंजन का साधन हो पर अब स्वांतना का समय भी एक सजा है उठावनी मैं चेहरा दिखने जाते हैं कुछ तो ठीक पांच मिनट पहले ही पहुंचेंगे जिससे भीड़ से बच सकें सबसे अंत मैं पहुंचेंगे घर परिवार के पर हाथ जोड़ ने पहुंचते हैं सबसे पहले हाथ जोड़े और गायब चेहरा दिख दिया हो गया अफ़सोस अगर कुछ पहले पहुँच गए तो घडी देखते रहेंगे कि कितनी देर और बैठना पड़ेगा अगर बोलने पांच या दस मिनट ले लेंगे तो उनकी बेचैनी देखने काविल होती है। एक परिवार के इकलौते युवा पुत्र की मृत्यु हो गई ही भीड़ हो गई एक तो प्रतिष्ठित परिवार ऊपर से युवा मृत्यु जिसका जरा सा भी सम्बन्ध ता वह उठवनि मैं पहुंचा सबसे मिलना तड़पती माँ और हताश बाप क लिए संभव नहीं था उस समय वहां कैसे बैठे थे यह उनका ईश्वर जनता था इसलिए यह घोषणा कर दी गई वहीं से हाथ जोड़ लें आप सबकी हमारे साथ सहानुभूति है इसके लिए धन्यवाद चेहरा ही नहीं दिखा सके तो निराश हो गए बहुत से लोगों के शब्द थे बेकार ही आये समय बर्बाद हो गया।
Saturday, 6 January 2018
एड का कमाल
सरकार अब भ्रामक विज्ञापनों पर लगाम कसने की तयारी मैं है जिन विज्ञापनों से जनमानस का पैसा और समय सब बर्बाद होता है उन पर विश्वास कर कभी कभी अपनी बीमारी बढ़ा लेते हैं या सोचते हैं पुत्री का रंग सांवला वह गोरी हो जाएगी अभिनेत्री इतनी चिकनी और गोरी है पहले की फोटो तो बहुत साधारण है वह भी उतनी सुन्दर हो जाएगी वल्कि उससे सुन्दर लगेगी या ऐसा खाना ज्यादा स्वादिष्ट है बड़े सितारे या सेलिब्रिटी कहते हैं और बच्चों को खिलाती हैं तो वह घर का खाना क्यों बनाये.
पर अब जनता काफी जागरूक हो गई है अब विश्वास काम करती है कुछ तो फिसल ही जाती है तभी इतनी कम्पनिया चल रही है नहीं तो प्रबुद्ध जनता हंसती है क्योंकि जिस चीज का विज्ञापन कर रहे हैं उसका उन से दूर दूर का नाता नहीं है उनकी साबुन या क्रीम कई कई हजार की होती है मीडिया के माध्यम से उनके हर कदम की जानकारी रहती है जब मीडिया बैडरूम मैं घुस जाती है तो ड्रेसिंग रूम तो बहुत सहज है वो कहाँ स्किन टाइट करा आये कौन मकूप करता है कौन कौन से प्रोडक्ट लगा रहे हैं उनका काम ही शरीर को बनाये रखना है तब सब जान जाते हैं तब हंसी आती है
जब जरा सा पैसा हो तो घर मैं नौकर पहले आता है कैसे आप विश्वास कर लोगे की फलां अभिनेत्री खाना बनाएगी कपडे धोएगी मशीन चलाएगी बर्तन माँजेगी ऐसे ही बीबी से प्यार करने वाला जब उसे प्रेशर कुकर
देता है सर करता है बना बीटा तरह तरह अब तो प्रेशर कुकर ला दिया है अब क्या मुश्किल अब ये है कि बीबी के लिए हाँ प्यार करने के लिए खुश करने का एक तरीका और है कुंदन के जेवर वो भी बड़े हीरे लगे बड़े परव लगे अब इसके लिए अरबपति तो किये इसलिए बाकि गई भैंस पानी मैं। सेलिब्रिटी अपने लम्बे घुमाएगी पर अभी सिनेमा मैं तो उसके बॉबकट बाल देखे हूँ यह सुन्दर विग बनाने वाले का कमाल है हैं न ऐड का कमाल
पर अब जनता काफी जागरूक हो गई है अब विश्वास काम करती है कुछ तो फिसल ही जाती है तभी इतनी कम्पनिया चल रही है नहीं तो प्रबुद्ध जनता हंसती है क्योंकि जिस चीज का विज्ञापन कर रहे हैं उसका उन से दूर दूर का नाता नहीं है उनकी साबुन या क्रीम कई कई हजार की होती है मीडिया के माध्यम से उनके हर कदम की जानकारी रहती है जब मीडिया बैडरूम मैं घुस जाती है तो ड्रेसिंग रूम तो बहुत सहज है वो कहाँ स्किन टाइट करा आये कौन मकूप करता है कौन कौन से प्रोडक्ट लगा रहे हैं उनका काम ही शरीर को बनाये रखना है तब सब जान जाते हैं तब हंसी आती है
जब जरा सा पैसा हो तो घर मैं नौकर पहले आता है कैसे आप विश्वास कर लोगे की फलां अभिनेत्री खाना बनाएगी कपडे धोएगी मशीन चलाएगी बर्तन माँजेगी ऐसे ही बीबी से प्यार करने वाला जब उसे प्रेशर कुकर
देता है सर करता है बना बीटा तरह तरह अब तो प्रेशर कुकर ला दिया है अब क्या मुश्किल अब ये है कि बीबी के लिए हाँ प्यार करने के लिए खुश करने का एक तरीका और है कुंदन के जेवर वो भी बड़े हीरे लगे बड़े परव लगे अब इसके लिए अरबपति तो किये इसलिए बाकि गई भैंस पानी मैं। सेलिब्रिटी अपने लम्बे घुमाएगी पर अभी सिनेमा मैं तो उसके बॉबकट बाल देखे हूँ यह सुन्दर विग बनाने वाले का कमाल है हैं न ऐड का कमाल
Friday, 5 January 2018
किसे अपना माने
अनजान रिश्ते परिवार से अधिक हो जाते हैं यह मैं एक मृत्यु और एक बीमारी मैं देख रही हूँ एक शिक्षिका का चार लोगों का परिवार है उसमें से पुत्री की शादी दुसरे शहर मैं हो गई है पुत्र ने नया नया काम शुरू किया है पति काफी दिन से बीमार था इसलिए वह घर पर रहता था एक रात ता पुत्र रात की गाड़ी से व्यापर के सिलसिले मैं दूसर शर गया दोसौ किलोमीटर दूर पुत्री अपने ससुराल थीपति की तबियत कुछ ख़राब हुई पर ऐसी होती रहती थी पत्नी प्रातः देख कर कि ठीक है स्कूल चली गई कुछ देर बाद काम वाली बाई आजाती थी जो करीब चार घंटे रहती थी कुछ देर मैं पत्नी ाही जाती थी काम वाली बाई आयी उसने देखा पति की ठण्ड लग रही है उसने उन्हें रजाई ओढ़ा दी हीटर पहले ही से चल रहा था पति ने कामवाली बाई को कुछ निर्देश दिए वह काम करने लगी बीच मैं उसने देखा की कुछ ज्यादा तबियत बिगड़ रही है वह पास के बुला ले वे पत्नी आये और तुरंत उन्हे हॉस्पिटल ले गए पत्नी को खबर दी तबतक उनका उपचार प्रारम्भ हो चूका था यद्यपि उनका प्रयत्न सफल नहीं रहा परउसके साथ ही दुसरे फ्लैट वालों ने उसके घर की व्यवस्था संभाली उसके पश्चात् भी सब व्यवस्थाएं करते रहे जैसे परिवार के ही हों जबकि उसकी सगी जेठानी जेठ केवल अंतिम यात्रा के समय ए और विमान जाने के बाद ही अपने घर चले गए सद्य युवा विधवा को आस पास के फ्लैटों के लोगो ने सभाला दिन रात कोई न कोई उसके पास रहता खाने पीने का सब प्रबंध करता रहा अब किसे अपना माने शिक्षिका के माँ के घर मैं कोई नहीं है वह इकलौती पुत्री है माँ बाप की मृत्यु हो चुकी है खून के रिश्ते खूनी हो गए हैं ऐसे ही एक बीमार हुए उनके परिवार मैं भी बहुत लोग नहीं थे तो पूरी पूरी जिम्मेदारी फ्लैट के निभाई कैसे अनजान ृष्टव अपने हो जाते हैं और अपने अनजाने हैं
Thursday, 4 January 2018
फ्लैट संस्कृति
मृत्यु आत्मा के लिए परम आनद और लौकिक संसार के लिए किसी अपने का विछोह सदा के लिए और सबसे बड़े दुःख का कारण। कुछ पल मैं ही जीता जगता इंसान शव बन जाता है जिसे उठाने के लिए चार कन्धों की जरूरत होती है और उस समय रिश्तेदार और पडोसी ही काम आते हैं अब रिश्तेदार और पडोसी ढूढ़ने पड़ते हैं कुछ दोस्त भी ढूढ़ने पड़ते हैं अधिकतर अब सब उठवनि का इन्तजार करते हैं उस मैं अपना कर्त्तव्य पूरा कर आएंगे ा फ्लैट संस्कृति यद्यपि एकल परिवार की वजह से उगी है जगह जगह ऊँचे वृक्षों की तरह फ्लैट खड़े हो गए हैं उसमें घोसलों में रहने वाले पंछियों की तरह चहकते रहते हैं एक अलग परिवार बन जाता है सब त्यौहार मनाना उत्सवों पर धूम करना और सभी धार्मिक उत्सव मनाना यह एक अलग प्रकार की संस्कृति ने जन्म लिया है
Wednesday, 3 January 2018
वर्ष तो बीत गया
वर्ष तो बीत गया
पर हमारे अन्दर
न जाने कितने
एहसासों को भर गया
कितने पन्ने हवा मे
फडफडाते बदल गए
कली नीली और सुनहरी
स्याही मैं लिखी गई
कलेंडर बदल गया
कील नहीं बदली
जिया है जिसने हर दिन को
अपने साथ
पर हमारे अन्दर
कितने अहसासों को भर गया
लम्बा पथ नए नए निर्देशों के साथ
निकल गया अपनी रह पर
दे गया गुजरे वक्त की यादें
कुछ खट्टी कुछ मीती बातें
कुछ प्यार भरी मुलाकातें
आने वाले दिनों की नई फरियादें
हर दिन मैं जिन्दगी का दर्शन
जिन्दगी का अपना आकर्षण
पर हमारे अन्दर
न जाने कितने
एहसासों को भर गया
कितने पन्ने हवा मे
फडफडाते बदल गए
कली नीली और सुनहरी
स्याही मैं लिखी गई
कलेंडर बदल गया
कील नहीं बदली
जिया है जिसने हर दिन को
अपने साथ
पर हमारे अन्दर
कितने अहसासों को भर गया
लम्बा पथ नए नए निर्देशों के साथ
निकल गया अपनी रह पर
दे गया गुजरे वक्त की यादें
कुछ खट्टी कुछ मीती बातें
कुछ प्यार भरी मुलाकातें
आने वाले दिनों की नई फरियादें
हर दिन मैं जिन्दगी का दर्शन
जिन्दगी का अपना आकर्षण
Tuesday, 2 January 2018
आज के महंत
स्त्री की छटी इन्द्रिय बहुत जाग्रत होती है आंख छोटी सी होती है एक साधारण आंख पर वह आँख न जाने कितने द्रष्टिकोण से देखती है हर भाव उसमें झलक जाता है और भाव को स्त्री तुरंत पकड़ लेती है तब कैसे नहीं धर्म के नाम पर चला रहे आश्रम संचालकों के मन की बात महिलाएं नहीं पकड़ पाती क्या वे जान कर भी अनजान बनती हैं वे स्वयं फसना चाहती हैं क्योंकि एक पल की चमक भी स्त्री पकड़ लेती है अनेकों प्रवचन देने वाले कुकुरमुत्ते की तरह उग आये हैं पर कुछ प्रजाति ही असली होती हैं अधिकांश तो जहरीली और जंगली होती हैं देश मैं दो ही धंदे अच्छे हैं नेतागिरी और दमदार आवाज के स्वामी प्रवचन करता विश्लेषण करने मैं सिद्ध कुछ भावो भरी कहानियां कुछ आंसू कुछ मुस्कान और लहरदार सुनाने का ढंग बस अनेक भक्तों की कतार जाओ बे हिचक उन्हें अपनी कन्याएं सोंप देते हैं
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