वृद्धावस्था जीवन का अंतिम चरण नहीं वरन् अनुभवों का जमाना है । एक ऐसा पुस्तकालय जिसमें हजारों लाखों जीवंत पुस्तकें हैं उनसे मिलिए बैठिये एक पुस्तक सामने होगी। उनके अनुभव जीवन की सफलताओं असफलताओं के विस्तृत कारण सुनने को मिलेंगे,उनको सुनोगे , समझोगे तो आपने जीवन में इतने वर्ष जोड़ लिए, जो कुछ उन्होंने सीखा देखा आपने उनसे सीख लिया वे वर्ष आपके जीवन,और अनुभवों से जुड़ गये। श्वेत केश और चेहरे पर झुर्रिया,ये अनुभवहैं,अनुभूतियां हैं अगर आप ये उनसे लोगे तो से आपके लिए जीवन का उपहार ही होगा। इसलिए श्वेत केश को केवल विगत समझने की भूल कभी मत करना। उनकी संचित विरासत को अपने हाथ में लेना यह आपका काम है,वे तो ऐसे दीपक हैं जो आने वाली पीढ़ी को प्रकाश देते हैं
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