Thursday, 3 September 2026

bcche aur mobaile

 अब बच्चों का लालन पालन बिलकुल अलग ढंग से होने लगा है एकिताबी ढंग से एमां बच्चे को अपना दूध तो पिलाना चाहती ही नहीं है उस पर समय नहीं है  । बोतल से दूध पिलाया जाता है क्योंकि एक तो मां पर समय नहीं होता  िकवह बैठ कर बार बार बच्चे के लिये अपना समय और फिगर खराब करें  दूसरे उनके हिसाब से  डिब्बाबंद दूध में सारे विटामिन्स आदि मिलाये जाते हैं उनके हिसाब से  वह फायदे मंद है ।एबोतल लगा दी बच्चा अपने आप दूध पीले  बोतल हटाये नहीं एउसके सामने मोबाइल खोल कर रख देते हैं और बच्चा उन चलती फिरती तस्वीरों को देखते देखते बोतल खाली कर देता है। उसे अपने पेट का ज्ञान नहीं हो पाता है जब कि मां का दूध पीने पर बच्चा अपने आप पेट भरने पर मुंह हटा लेता है । बोतल पूरी खाली करने पर मां खुश है कि उसने दूध पी लिया उसे  चाहे पहला दूध हजम हुआ या नहीं इसका संज्ञान करने की जरूरत ही नहीं समझी जाती । वह चलती फिरती तस्वीरें देखने में मगन हो जाता है। मां अपने काम में व्यस्त हो जाती हैएउसकी ड्यूटी खत्म और यहीं से बच्चे मोबाइल एडिक्ट होते जाते हैं। बच्चे जैसे जैसे बड़े होते हैं वो देखते हैं कि खाली समय में मां बाप मोबाइल देख रहे हैं तो वह भी उसे देखने की जिद करने लगता है और बच्चा रोये नहीं इसलिये मोबाइल पकड़ा दिया जाता है । मां बाप राहत की सांस लेते हैं कि बच्चा चुप है और वो अपना काम आराम से  कर पा रहे हैंएयह नहीं जानते कि वो अपने बच्चे की जिंदगी संकट में डालदेते हैं।

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