मनुष्य जो कुछ भी है अपने अंदर की शक्ति से है और वह शक्ति ईश्वर की कृपा से मिलती है। ईश्वर की कृपा अर्थात् स्वयं की शक्ति के साथ ईश्वरीय शक्ति मिलकर मनुष्य को कुछ कर गुजरने की इच्छा दे देते हैं। कभी भी मन से नहीं हारना चाहिये। मन के हारे हार मन के जीते जीत। परन्तु यह भी न सोचें कि जो कुछ भी है उसने किया है स्वयं ने ,वह सब कुछ है। जब तक ईश्वरीय इच्छा न होगी मानव कुछ नहीं कर सकता है ।दाने दाने पर लिखा है खाने वाले का नाम ,जिस दाने पर हमारा नाम होगा वही हमें मिलेगा और हम सोचें कि यह दाना हमने उठाया है,इसके हम अधिकारी हो गये,नहीं जब तक ईश्वर की इच्छा नहीं होगी दाना आपके मंुह में नहीं जायेगा। परंतु यह सोच लें कि ईश्वर हमारे मुह में उठाकर दाना डालेगा तो यह भी बिना अपनी इच्छा के नहीं होगा। हर कार्य के पीछे ईश्वरीय इच्छा और अपनी इच्छा दोनों होते हैं। जब व्यक्ति यह कहने लगता है मैं ,मैं ही सब कुछ कर रहा हूं,मैंने यह किया इसलिए यह पाया। यहां पर वह गलत है,प्रयत्न अपनीे स्थान पर है,ईश्वरेच्छा अपने स्थान पर है। जब मनुष्य हर कार्य को करके ईश्वर को धन्यवाद करता है तभी वह वास्तव में ईश्वर का कृपा पात्र होता है
Shashi Goyal
Thursday, 23 July 2026
Tuesday, 21 July 2026
ishwar ke prati prem
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Sunday, 19 July 2026
old age
वृद्धावस्था जीवन का अवसान नहीं ,वरन् अनुभवों का खजाना है जिससे आने वाली पीढ़ी उनके अनुभवों से सीखकर अपने जीवन काल का समय बचा सकती है। जीवन का सबसे महत्वपूर्ण समय है। जीवन रूपी जहाज का कप्तान यदि अनुभवी है तो परिवार को अच्छी तरह ले जा सकता है। वह गहन समुद्र को पार करा देता हे। एक तरह से युवा पीढ़ी के जीवन में वृद्ध व्यक्ति के अनुभव जुड़ जाते हैं तो उसका समय बढ़ जाता है उसे सीखने का समय नहीं निकालना पड़ता। वृद्धावस्था परिपक्वता लाती है। शरीर में शिथिलता अशक्तता होती है परंतु मस्तिष्क सक्रिय रखने से और उर्वर होजाता है,क्योंकि आवश्यकताऐं सीमित हो जाती हैं और ध्यान सांसारिकता पर न होकर सक्रिय सोच में बदल जाता है। वृद्धावस्था जीवन के अनुभवों से सिंचित पका हुआ फल बन जाता है ।
Sunday, 31 May 2026
english Tips
A cup of milk will work wonder with a vegetarian or non vegetarian gravy it did not only tastes good but also makes gravy thicker and easy to digest.
cut a straw
into three to four pieces and insert the pieces on top of the pie A the
contents of the pie won't boil over.
Fast boiling
of eggs hardens the albumin can be got rid off by soaking them in butter milk
for a few minutes or applying a mixture of salt and turmeric powder before
cooking.
Excessive
bitterness in bitter gourd pieces can be
got rid off by soaking them in buttermilk for few minutes or applying a mixture
of salt and turmeric powder before cooking .
squashed or
imperfect fruits like apple and bananas can be crushed with little sugar and
frozen .They make excellent toppings for vanilla ice cream.
if a curry
has become too sticky prepare a paste of corn flour and little water. Add the
paste to the curry and bring it to a boil A the gravy will thicken and the
spiciness will decrease.
To make
crisp onion pakoras sprinkle a little salt on the chopped onion. Leave for
sometime and then mix gram flour and the necessary spices brfore frying.
Onion will
brown faster in a little table salt is added to the pan while frying them.
Stuffed toys
can be washed by putting them inside a pillowcase]tying the Top of the
pillowcase and washing on a gentle cycle in the washing machine .In case you do
not want to wash the toy then rub it with magnesia powder,leave for a few hours
and brush it off.
Fat free
to fry eggs without
oil just sprinkle a little salt on the pan before frying them .The eggs will be
fried well and also come off easily without sticking to the pan .
Take a piece
of clean white cloth dye it in turmeric and dry in the sun A Use the cloth as
an effective cure to wipe your eyes if you are suffering from conjunctivitis or
any other eye infections.
To avoid
premature graying of hair , add about two and half of tablespoon table salt to
a cup of black tea and apply it on your scalp . Leave it for an hour and wash
off with water. This method also makes dyeing unnecessary.
To get instant relief from ant bytes]rub a
piece of raw onion over the affected spot.
After
kneading the dough ,do not wash your hands. Instead wash two or three glasses
with your dough covered hands and see the sparkle.
Munch basil
leaves to get rid of mouth ulcers
To sparkle
mirrors mix a little starch to water and rub this solution on the mirror, leave
it to dry for a while and wipe it off with a clean cloth
Saturday, 30 May 2026
emi main jeeta jeevan
भौतिकवादी जीवन की ओर बढ़ते युवा और उनके कंधों पर चढ़ता कर्ज का बोझ उनके कंधों को झुका देता है। वे दिन में अपना कॉलर ऊंचा रख कर एक से एक बड़ी गाड़ियों में चलते हैं और रात में ई एम आई की चिंता में करवटें बदलते हैं। चेहरे पर नकली मुस्कान और आंखों में चिंता की झलक एक एक बात पर चिड़चिड़ाहट ,झल्लाहट उनकी मानसिकता को दर्शाता है। जीवन सुकून के स्थान पर संघर्षमय हो गया है । हंसता खेलता परिवार घर आकर बच्चों के बीच बैठने की ललक नहीं है। देर से घर आना और इधर उधर झल्लाते हुए कमी निकालते हुए सो जाना। चिंता से सोना चिंता से जागना ।उन्होंने दर्शन तो अपनाया है जब तक जियो सुख से जियो,ऋण लेते जाओ और घी पीओ पर जीवन आराम से बीतना चाहिये। क्रेडिट कार्ड ने और इस प्रवृर्ति को बढ़ावा दिया है ,मन चाहा खरीदो उधार लो जेब में नहीं दाने अम्मा चली भुनाने वाली स्थिति रहती है। पैसा जमा करके क्या करना है आने वाली पीढ़ी अपना अपने आप देखेगी । पहले भी कहावत थी ,‘पूत कपूत तो का धन संचे पूत सपूत तौ का धन संचै।’। पहले कर्ज चुकाना है तो दूसरा लेकर चुका दो । परंतु सत्य तो यह है इंसान को अपने को सीमित रखना चाहिये जो है वही सत्य है ।☺
Thursday, 28 May 2026
maa ya saas
मां आप आजाओ’ ना ना सास नहीं ,मैं कम्फर्ट नहीं रह पाउंगी,आप आजाओ।’ -कारण मां आजायेगी तो वह उसे कुछ नहीं करने देगी । मायके में कभी कुछ किया नहीं ,मां ने कभी कहा भी नहीं ,मां खुशी खुशी सब काम करेगी ,सास से कुछ कह भी नहीं पायेगी, ना बाबा सास नहीं उनसे कहीं कुछ करने की कहा जा सकता है। सास आयेगी तो घर में ताका झांकी करेगी ,देखेगी कि उनके पास क्या क्या है,किस प्रकार रहते हैं मां तो उनके रहन सहन को देख कर खुश होगी पर सास उन्हें मालुम पड़ जायेगा तो बेटे से मांग भी कर सकती हैं जो कुछ भी अपने साथ ले जायेंगी उनके लिये बेटा पैसे देगा पर मां तो और दिला कर जायेगी। सास बेटे से न जाने क्या क्या फरमाइश कर दे पर मां तो उसके धन धान्य को देखकर खुश होगी वाह बेटी कितने एश्वर्य में है । मां आयेगी तो सब जचगी का सामान तो लायेगी और भी सब बता सकती है,मां यह ले आना वह लेआना। मां सहेज सहेज कर सामान लायेगी बेटी को मां का सब अच्छा लगेगा पर सास तो पूछेगी क्या लाऊं तब यही कहना पड़ता है कुछ नहीं आप आजाओ बस मां के हाथ के आटे के लड्डू भी शौक से खाये जा सकते हैं पर सास के मेवे के लड़डू भी मुह बिचका कर इधर उधर कर दिये जायेंगे। सास तो यहां से अपना हक समझ कर ले जायेगी,उनके बेटे का है चाहे बहू भी कमाये पर उनका हक तो दोनों पर है। पर बेचारी मां यह दावा नहीं कर सकती कि बेटी दामाद की कमाई पर कुछ हक है ।मां को बेटी दामाद के लिए करने में अच्छा लगेगा। सास जिम्मेदारी है और मां सहज सुहानी है नानी बेचारी नैनी
Saturday, 23 May 2026
videsh main bacche
एक या दो संतान और उनकी दौड़ विदेश में और पीछे रह जाते हैं बुजुर्ग मां बाप जिनको मिलते हैं आश्वासन कि शिक्षा प्राप्त कर अपने ही देश में आयेंगे आपके पास। अब शिक्षा तो प्राप्त करली पर हमारे योग्य वहां नौकरी नहीं है कुछ पैसा इक्कठ्ठा कर लें तो फिर आयेंगे । अपनी जमा पूंजी बच्चों पर खर्च कर चुके मां बाप इस आशा में कि विदेश से धन लाकर उसकी भरपाई कर देंगे । और दिन अच्छे आजायेंगे।,परंतु एक एक कर बच्चों के खर्च और मजबूरियां बढ़ती जाती हैं और दरवाजे की ओर टकटकी लगाये मां बाप जिनके इंतजार की घड़ियां रुकती ही नहीं । हां बाल बच्चे होने पर नैनी (नानी का बिगड़ा रूप) बनकर कुछ दिन नानी रहती है हां कभी कभी कुछ दिन दादी को भी बुला लेते हैं फिर बापस,एक आशा में एक विश्वास में िकवह अपने बच्चों के बच्चों को खिलायेगे बढ़ते देखेंगे । पर बढ़ते नहीं बड़े होते कभी कभी देखना है जो नानी दादी का ेपहचानते ही नहीं उनकी भाषा भी नहीं सामझ पाते अगर नानी दादी अंग्रेजी जानकार भी हैं तो लहजा अलग बोलने का तरीका अलग। दादी नानी के साथ रजाई में दुबक कर कहानी सुनना उनके साथ कल्पना लोक में जाने की कल्पना ही नहीं कर सकते। उनका अपना कमरा है किसी और का हस्तक्षेप उन्हें अच्छा नहीं लगता है,न छूना पसंद है। एक अलगाव के साथ कुछ दिन अनजानों के बीच रहकर फिर अपने देश जिसे हम विदेश कहते हैं जाना । अंत में दरवाजे पर लगी टिकटिकी बंद और पड़ोसियों के कंधों पर आखिरी सफर ।