Sunday, 31 May 2026

english Tips

 A cup of milk will work wonder with a vegetarian or non vegetarian gravy it did not only tastes good but also makes gravy thicker and easy to  digest.

cut a straw into three to four pieces and insert the pieces on top of the pie A the contents of the pie won't boil over.

Fast boiling of eggs hardens the albumin can be got rid off by soaking them in butter milk for a few  minutes or applying  a mixture of salt and turmeric powder before cooking.

Excessive bitterness in bitter gourd  pieces can be got rid off by soaking them in buttermilk for few minutes or applying a mixture of salt and turmeric powder before cooking .

squashed or imperfect fruits like apple and bananas can be crushed with little sugar and frozen .They make excellent toppings for vanilla ice cream.

if a curry has become too sticky prepare a paste of corn flour and little water. Add the paste to the curry and bring it to a boil A the gravy will thicken and the spiciness will decrease.

To make crisp onion pakoras sprinkle a little salt on the chopped onion. Leave for sometime and then mix gram flour and the necessary spices  brfore frying.

Onion will brown faster in a little table salt is added to the pan while frying them.

Stuffed toys can be washed by putting them inside a pillowcase]tying the Top of the pillowcase and washing on a gentle cycle in the washing machine .In case you do not want to wash the toy then rub it with magnesia powder,leave for a few hours and brush it off.

Fat free

to fry eggs without oil just sprinkle a little salt on the pan before frying them .The eggs will be fried well and also come off easily without sticking to the pan .

Take a piece of clean white cloth dye it in turmeric and dry in the sun A Use the cloth as an effective cure to wipe your eyes if you are suffering from conjunctivitis or any other eye infections.

To avoid premature graying of hair , add about two and half of tablespoon table salt to a cup of black tea and apply it on your scalp . Leave it for an hour and wash off with water. This method also makes dyeing unnecessary.

 To get instant relief from ant bytes]rub a piece of raw onion over the affected spot.

After kneading the dough ,do not wash your hands. Instead wash two or three glasses with your dough covered hands and see the sparkle.

Munch basil leaves to get rid of mouth ulcers

To sparkle mirrors mix a little starch to water and rub this solution on the mirror, leave it to dry for a while and wipe it off with a clean cloth

Curd sets faster if dry red chili halves are added to the milk which is required to set it 

Saturday, 30 May 2026

emi main jeeta jeevan

 भौतिकवादी जीवन की  ओर बढ़ते युवा और उनके कंधों पर चढ़ता कर्ज का बोझ उनके कंधों को झुका देता है। वे दिन में अपना कॉलर ऊंचा रख कर एक से एक बड़ी गाड़ियों में चलते हैं और रात में ई एम आई की चिंता में करवटें बदलते हैं। चेहरे पर नकली मुस्कान और आंखों में चिंता की झलक एक एक बात पर चिड़चिड़ाहट ,झल्लाहट उनकी मानसिकता को दर्शाता है। जीवन सुकून के स्थान पर संघर्षमय हो गया है । हंसता खेलता परिवार घर आकर बच्चों के बीच बैठने की ललक नहीं है। देर से घर आना और इधर उधर झल्लाते हुए कमी निकालते हुए सो जाना। चिंता से सोना चिंता से जागना ।उन्होंने दर्शन तो अपनाया है जब तक जियो सुख से जियो,ऋण लेते  जाओ और घी पीओ पर जीवन आराम से बीतना चाहिये। क्रेडिट कार्ड ने और इस प्रवृर्ति को बढ़ावा दिया है ,मन चाहा खरीदो उधार लो जेब में नहीं दाने अम्मा चली भुनाने वाली स्थिति रहती है। पैसा जमा करके क्या करना है आने वाली पीढ़ी अपना अपने आप देखेगी । पहले भी कहावत थी ,‘पूत कपूत तो का धन संचे पूत सपूत तौ का धन संचै।’। पहले कर्ज चुकाना है तो दूसरा लेकर चुका दो । परंतु सत्य तो यह है इंसान को अपने को सीमित रखना चाहिये जो है वही सत्य है ।☺


Thursday, 28 May 2026

maa ya saas

 मां आप आजाओ’ ना  ना सास नहीं ,मैं कम्फर्ट नहीं रह पाउंगी,आप आजाओ।’ -कारण मां आजायेगी तो वह उसे कुछ नहीं करने देगी । मायके में कभी कुछ किया नहीं ,मां ने कभी कहा भी नहीं ,मां खुशी खुशी सब काम करेगी ,सास से कुछ कह भी नहीं पायेगी, ना बाबा सास नहीं उनसे कहीं कुछ करने की कहा जा सकता है। सास आयेगी तो घर में ताका झांकी करेगी ,देखेगी कि उनके पास क्या क्या है,किस प्रकार रहते हैं मां तो उनके रहन सहन को देख कर खुश होगी पर सास उन्हें मालुम पड़ जायेगा तो बेटे से मांग भी कर सकती हैं जो कुछ भी अपने साथ ले जायेंगी उनके लिये बेटा पैसे देगा पर मां तो और दिला कर जायेगी। सास बेटे से न जाने क्या क्या फरमाइश कर दे पर मां तो उसके धन धान्य को देखकर खुश होगी वाह बेटी कितने एश्वर्य में है । मां आयेगी तो  सब जचगी का सामान तो लायेगी और भी सब बता सकती है,मां यह ले आना वह लेआना। मां सहेज सहेज कर सामान लायेगी बेटी को मां का सब अच्छा लगेगा पर सास तो पूछेगी क्या लाऊं तब यही कहना पड़ता है कुछ नहीं आप आजाओ बस मां के हाथ के आटे के लड्डू भी शौक से खाये जा सकते हैं पर सास के मेवे के लड़डू भी मुह बिचका कर इधर उधर कर दिये जायेंगे। सास तो यहां से अपना हक समझ कर ले जायेगी,उनके बेटे का है चाहे बहू भी कमाये पर उनका हक तो दोनों पर है। पर बेचारी मां यह दावा नहीं कर सकती कि बेटी दामाद की कमाई पर कुछ हक है ।मां को बेटी दामाद के लिए करने में अच्छा लगेगा। सास जिम्मेदारी है और मां सहज सुहानी है नानी बेचारी नैनी



Saturday, 23 May 2026

videsh main bacche

 एक या दो संतान और उनकी दौड़ विदेश में और पीछे रह जाते हैं बुजुर्ग मां बाप जिनको मिलते हैं आश्वासन कि शिक्षा प्राप्त कर अपने ही देश में आयेंगे आपके पास। अब शिक्षा तो प्राप्त करली पर हमारे योग्य वहां नौकरी नहीं है कुछ पैसा इक्कठ्ठा कर लें तो फिर आयेंगे । अपनी जमा पूंजी बच्चों पर खर्च कर चुके मां बाप इस आशा में कि विदेश से धन लाकर उसकी भरपाई कर देंगे । और दिन अच्छे आजायेंगे।,परंतु एक एक कर बच्चों के खर्च और मजबूरियां बढ़ती जाती हैं और दरवाजे की ओर टकटकी लगाये मां बाप जिनके इंतजार की घड़ियां रुकती ही नहीं । हां बाल बच्चे होने पर नैनी (नानी का बिगड़ा रूप) बनकर कुछ दिन नानी रहती है हां कभी कभी कुछ दिन दादी को भी बुला लेते हैं फिर बापस,एक आशा में एक विश्वास में  िकवह अपने बच्चों के बच्चों को खिलायेगे बढ़ते देखेंगे । पर बढ़ते नहीं बड़े होते कभी कभी देखना है जो नानी दादी का ेपहचानते ही नहीं उनकी भाषा भी नहीं सामझ पाते अगर नानी दादी अंग्रेजी जानकार भी हैं तो लहजा अलग बोलने का तरीका अलग। दादी नानी के साथ रजाई में दुबक कर कहानी सुनना उनके साथ कल्पना लोक में जाने की  कल्पना ही नहीं कर सकते। उनका अपना कमरा है किसी और का हस्तक्षेप उन्हें अच्छा नहीं लगता है,न छूना पसंद है। एक अलगाव के साथ कुछ दिन अनजानों के बीच रहकर फिर अपने देश जिसे हम विदेश कहते हैं जाना । अंत में दरवाजे पर लगी टिकटिकी बंद और पड़ोसियों के कंधों पर आखिरी सफर । 

Friday, 22 May 2026

Man hai

 इंसान का मन भी एक समुद्र है किसी को क्या मालुम कि कितने हादसे और कितनी यादें उसमें समाई हुई हैं। कभी कभी तैरकर उबर कर ऊपर आ जाते हैं और हमें डुबोकर खुद डूब जाते हैं फिर उभरती है एक नई तस्वीर कुछ लहरों पर उतराती और सूरज की किरणों से झिलमिलाती फिर बदल जाती हैं और उभर आते हैं साये कुछ काले कुछ सुनहरे कुछ अवशेष,कभी कभी वे उतराते ही रहते हैं ।

अतीत अर्थात् हमारा बीता कल जिसे हम जानते हैं कि कैसा बीता,क्या हमारी भूल थी, क्या हम और भी कुछ कर सकते थे ,और क्या करना चाहते थे पर नहीं कर पाये । लेकिन नहीं कर पाये । लेकिन भविष्य की क्ल्पना तो सहज है पर वह हमारे हाथ में नहीं है। पता नहीं होता है कि मुंह में जाने वाला ग्रास मुंह में ही जायेगा या गिर जायेगा। परंतु सोचते हैं थाली सामने है वह हम खायेंगे पर उस पर नाम है यह नहीं मालुम ।जो बीत गया अगर बहुत अच्छा बीता तो उसके चक्र में घूमते रहेंगे कि हमारा भविष्य भी कैसा हो लेकिन दाना गिरेगा और चिरैया खायेगी या आप यह भविष्य के गर्त में है।

 लगता है जिंदगी सहज जायेगी लेकिन अनेकों समस्याऐं मुह बाये खड़ी होती हैं जिन्हें हल करने में समय निकल जाता है। ट्रेन का समय दस मिनट का रास्ताऔर गुजरता दो किलोमीटर लंबा जलूस रास्ता बंद बेचैन हैं इधर से उधर से पर सामने ट्रैफिक का सैलाब ,ट्रेन गुजर गई आपकी योजना रखी रह गई ।यह आपको समझना था कि रास्ते में कितनी रुकावट है पर समझकर चले दस मिनट का रास्ता है पर अवरोध पर अवरोध,समय पार हो गया,अब चुनौती सामने है कि कैसे फिर से समय को बांधा जाये जुड़ लेते हैं नजदीक दूसरे स्टेशन से या स्थगित करते हैं यात्रा ,अंतहीन समस्याओं से जूझने के लिसे परंतु आगे शिक्षा तभी मिलती है कि पार पहुंचना कठिन है परंतु असंभव नहीं है।कुछ संयोजन समय का आवश्यक है,स्थिति का,समाज का जिसमें आप रह रहे हैं ।


Monday, 11 May 2026

dedo

 

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Sunday, 3 May 2026

samasya

 किसी भी समस्या का समाधान तब संभव है जब उसकी जड़ को समझें और अपने दृष्टिकोण  से नहीं वरन् अपने दृष्टिकोण को बदल कर देखें। अपने विचारों की ओर भी संदेह की दृष्टि से देखें पूर्वाग्रह से ग्रस्त न रहें। समस्या को सतही दृष्टि से न देखें।गहराई से उस पर मनन करें क्योंकि कभी कभी समस्या देखने में साधारण लगती है परंतु जब उसको गहनता से देखते हैं तो लगता है यह समस्या साधारण नहीं है। अगर एक बार किसी भी समस्या का समाधान तब संभव है जब उसकी जड़ को समझें और अपने दृष्टिकोण  से नहीं वरन् समस्या को पूर्वाग्रह से ग्रस्त न होकर उससे बाहर निकलें तब समस्या स्वतः दम तोड़ देती है। दर्शन हमारे विचारों की अमर भूमि को जोतता है ताकि उसके नीचे दबे हुए अहंका और पूर्वाग्रह बाहर आ सकें