Friday, 24 April 2026

mobaile aur bacche

 यद्यपि मोबाइल,‘दनिया मेरी जेब में ,तकनीकी विज्ञान का चमत्कार है इसने पूरी दुनिया को सबके सामने एक क्लिक पर ला दिया है और यदि कहा जाए तो एसा छोटा सा डिब्बा वह जो अगर आपके पास है तो आपको न मोटे मोटे एनसाइक्लोपीडिया,डिक्शनरी,कुछ भी नहीं चाहिए । वैसे ही पुस्तके अपना आस्त्त्वि खोती जा रही है। इस छोटी सी डिबाइस ने पुस्तकों को धूल खाने को विवश कर दिसा है। मोबाइल ने न जाने कितनी चीजों को डिब्बे में बंद कर दिया है। बच्चे जहां रंग बिरंगी किताबों को खोल कर पढ़ने बैठते थे अब गर्दन झुकाए छोटी सी स्क्रीन पर देखते रहते हैं? संभवतः एक दिन गर्दन टेढी वाले ही पैदा होने लगेंगे ।आंखें अपना आस्त्त्वि खो देंगी पर मोबाइल की दुनिया बच्चे छाड़ने के लिए तैयार नहीं होंगे , 

 सिमटते परिवारों ने बच्चों का एकाकीपन बढ़ा दिया था उसकी वजह से बच्चे चिड़चिड़े हो रहे थे पर अब बच्चे एकाकीपन अधिक पसंद करते हैं आपके बोलने तक ये चिढ़ने लगते हैं। अब बैट बल्ला नहीं खेलना चाहता। वे गेम वीडियो पर खेलते हैं। वर्चुअल दुनिया में समा गये हैं। आपका किसी काम का कहना या बुलाना उन्हें झुंझला देता है ।


No comments:

Post a Comment