मोबाइल के उपयोग से बच्चों को रोकना बच्चों को विद्रोही बना देना हो गया है। बच्चे मोबाइल के आदी हो चुके हैं जिसे कहते हैं नशा हो जाना। अखबार में आये दिन खबर पढ़ने को मिलती है कि बच्चे को मोबाइल नहीं दिलाया या देखने से रोका तो माता पिता की हत्या कर दी ।या आत्म हत्या जैसे कदम उठा लिए कभी एक समाचार था कि कोरियन रील देख देख कर तीन बहनों ने कूद कर आत्महत्या करली। गेम्स खेलना या रील देखकर टास्क करने की लत लग जाती है और घंटों उसे लिये बैठे रहना देखना अपने भविष्य से खिलवाड़ करना है। उन्हें न स्कूल के काम की फुरसत न मैदान में दोस्तों के साथ खेलने की यहां तक कि खाने की फुरसत नहीं है ।बस आंखें रील के साथ चलती रहती हैं। इसमें डूब जाने को एक कारण यह भी है अकेलापन सीमित परिवार अपने अपने कामों में व्यस्त मां बाप। बच्चों को व्यस्त रखने के लिये स्वयं मां बाप उनके हाथ में मोबाइल पकड़ा देते हैं और बालक के लिये सारी दुनिया उसी में मिल जाती है । उसके साथ हंसना खेलना बोलना सब होने लगा है
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