Shashi Goyal
Friday, 7 October 2011
topi
मेरे दादाजी की टोपी ,
कितनी प्यारी उनकी टोपी
उनके सर पर लगी रहे,
या खूँटी पर टगी रहे
नीचे कभी न गिरती है
साथ साथ वो फिरती hai
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